झारखंड के बोआरीजोर और सुंदरपहाड़ी जैसे आदिवासी व पहाड़िया बहुल गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना की स्थिति बेहद खराब है. इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है. दलालों और बिचौलियों की सक्रियता के कारण गरीब और वंचित समुदाय के लोगों को उनके हक का लाभ नहीं मिल रहा है. आवास निर्माण के लिए दी जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा दलालों द्वारा लाभ दिलाने के नाम पर हड़प लिया जाता है, जिससे गरीब आदिवासी और पहाड़िया समुदाय के लाभुकों का घर अधूरा ही रह जाता है. इस स्थिति के कारण इन क्षेत्रों में आवास योजना के कई प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं.
मुचरा गांव में अधूरे मकानों की पीड़ा
बोआरीजोर पंचायत के मुचरा गांव में दर्जनों मकान अधूरे पड़े हैं. यह गांव अनुसूचित जनजाति पहाड़िया समुदाय का है. यहां दलालों द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर मकान बनाए जा रहे थे. निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर दलाल पैसा लेकर फरार हो गए, जिससे मकानों में दरारें आ गईं और दर्जनों घर अधूरे रह गये. गांव के ग्रामीणों, जैसे रूपा पहाड़िया, मैसा पहाड़िया, बबलू पहाड़िया और सुनील पहाड़िया ने बताया कि उनके खातों से बिना अनुमति पैसे निकाल लिये गये, जिससे उनका मकान अधूरा ही रह गया. शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. ग्रामीणों ने बताया कि वह मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं और घर बनाने में भी खुद मेहनत करते हैं, लेकिन दलाल उन्हें बहला-फुसलाकर पैसे हड़प लेते हैं. रूपा पहाड़िया, मैसा पहाड़िया और सुनील पहाड़िया का आवास तीन साल पहले स्वीकृत हुआ था, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है. प्रखंड कार्यालय में हर बैठक में अधूरे आवासों को पूरा करने का निर्देश दिया जाता है, लेकिन इसका पालन जमीनी स्तर पर नहीं हो रहा है.
बेलटिकरी गांव के दर्जनों परिवार अब भी वंचित
महागामा प्रखंड के करणु पंचायत स्थित बेलटिकरी गांव में भी कई गरीब परिवार अब तक आवास योजना का लाभ पाने से वंचित हैं. मिलन देवी, संजू देवी, इंदु देवी, मुन्नी देवी, सजन मौसमात, ललिता देवी, सती देवी, ममता देवी और खुशबू देवी जैसी कई महिलाओं ने बताया कि वे मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं. इसके बावजूद आवास योजना का लाभ न मिलने के कारण वे अब भी फूस और प्लास्टिक के अस्थायी घरों में रहने को मजबूर हैं. रामू मंडल ने बताया कि दो साल पहले आग लगने की घटना में उनका घर जल गया था, जिसमें पांच बकरियां और एक गाय भी जलकर मर गई थी. इसके बावजूद उन्हें अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे वे फूस के घर में जीवन गुजारने को मजबूर हैं. बिंदेश्वरी मंडल ने बताया कि बेलटिकरी गांव में बजरंगबली मंदिर के सामने उनका परिवार वर्षों से फूस के घर में रह रहा है. कई बार प्रयास करने के बावजूद उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया. गरीब ग्रामीणों ने सरकारी कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी अनदेखी के कारण वे अब भी पक्के मकान के सपने को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. खासतौर पर ठंड और बरसात के मौसम में इन परिवारों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. आवास योजना के लाभ से वंचित ग्रामीणों ने बीडीओ से जल्द से जल्द आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है ताकि उनका भी सुरक्षित और स्थायी घर का सपना पूरा हो सके.
क्या कहते हैं महागामा एसडीओ
आवासों की जांच की जायेगी और मामला सही मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.आलोक वरुण केसरी, एसडीओ, महागामा
क्या कहते हैं बीडीओ
सभी अधूरे घरों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगीमिथिलेश कुमार सिंह, बीडीओ
……………………….गोड्डा में पीएम आवास येाजना की पेंडिग स्थिति
प्रखंड स्वीकृत लंबितबसंतराय 4218 81
बोआरीजोर 9167 161गोड्डा 9402 202महगामा 5454 138मेहरमा 5811 142
पथरगामा 5530 120पोडैयाहाट 10277 231सुंदरपहाडी 3097 180ठाकुरगंगटी 6122 105
कुल 59078 1360डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
