सेवानिवृत्त शिक्षकों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर जतायी नाराजगी

मदरसा रहमानी मोहनपुर में सेवानिवृत्त मदरसा व संस्कृत शिक्षक संघ की बैठक बुधवार को हुई. इसमें क्षेत्र के 186 गैर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों एवं 12 संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारी शामिल हुए.

पेंशन नोटिफिकेशन के बायकॉट करने का लिया निर्णय प्रतिनिधि, हनवारा मदरसा रहमानी मोहनपुर में सेवानिवृत्त मदरसा व संस्कृत शिक्षक संघ की बैठक बुधवार को हुई. इसमें क्षेत्र के 186 गैर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों एवं 12 संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारी शामिल हुए. बैठक में वर्ष 2020, दिनांक 24 अक्तूबर 2014 के अनुसार पेंशन/उपादान देने संबंधी झारखंड उच्च न्यायालय के निर्णय पर हो रही देरी और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की गयी. शिक्षक संघ ने शिक्षा सचिव द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत 10 सितंबर 2025 को जारी नोटिफिकेशन संख्या 3486 की गहन समीक्षा की. सर्वसम्मति से उसका बायकॉट करने का निर्णय लिया. बैठक में तय हुआ कि कोई भी सेवानिवृत्त शिक्षक अथवा कर्मचारी पेंशन से संबंधित कोई भी दस्तावेज विभाग को जमा नहीं करेगा. संगठन ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश हूबहू लागू होना चाहिए, लेकिन शिक्षा सचिव मनमानी कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. कहा की नोटिफिकेशन संख्या 3486 सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए नुकसानदेह है. बैठक ने सभी से अपील की गयी कि वे पेंशन संबंधी किसी भी प्रक्रिया में सहयोग न करें और न्यायालय के अंतिम निर्णय का इंतजार करें. गौरतलब है कि पेंशन मामले से संबंधित याचिका पर उच्च न्यायालय की अगली सुनवाई 26 सितंबर को निर्धारित है. बैठक में काजी शफीक, मास्टर शमीम अनवर, मो ताजुद्दीन कासमी, मौलाना सईद, मास्टर कलीमुद्दीन, मौलाना हदीस आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >