हनवारा थाना क्षेत्र के किसान खरीफ सीजन को लेकर धान की खेती की तैयारियों में जुट गये हैं. मानसून के आगमन से पहले ही खेतों में कृषि गतिविधियां तेज हो गयी हैं. पारंपरिक मान्यताओं और कृषि अनुभवों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के कई किसानों ने धान का बिचड़ा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. स्थानीय किसानों का मानना है कि रोहिणी नक्षत्र में धान का बीज बोना कृषि की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी होता है. उनका कहना है कि इस नक्षत्र में बोया गया बीज मजबूत और स्वस्थ बिचड़ा तैयार करता है, जिससे पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. किसानों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी वे रोहिणी नक्षत्र को धान की बुआई के लिए सबसे शुभ और उपयुक्त मान रहे हैं. इसी कारण खेतों की तैयारी पूरी कर तेजी से बीज डालने का कार्य किया जा रहा है. किसानों के अनुसार, यदि समय पर बिचड़ा तैयार हो जाता है तो मानसून के आगमन के साथ ही धान की रोपनी का कार्य शुरू किया जा सकेगा. इससे फसल चक्र प्रभावित नहीं होगा और धान की फसल को परिपक्व होने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. कृषकों का कहना है कि समय पर बुआई और रोपनी होने से फसल की गुणवत्ता बेहतर रहती है तथा उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए किसान मौसम की अनुकूलता और पारंपरिक कृषि ज्ञान के आधार पर खरीफ खेती की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.
खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान, धान का बिचड़ा तैयार करने का कार्य शुरू
रोहिणी नक्षत्र में बीज बोना मानते हैं शुभ, समय पर रोपनी की उम्मीद
