प्रतिनिधि, बोआरीजोर. राजमहल कोल परियोजना क्षेत्र के प्रभावित स्कूल, सिद्धू कानू शिशु विद्या मंदिर ललमटिया एवं डीएवी पब्लिक स्कूल ऊर्जा नगर में परियोजना प्रबंधन द्वारा 25 वर्षों से दी जा रही नि:शुल्क बस सेवा को अचानक बंद कर दिया गया. प्रबंधन ने परियोजना कर्मियों के बच्चों के लिए 125 रुपये और गैर-परियोजना कर्मियों के बच्चों के लिए 800 रुपये प्रति माह बस किराया निर्धारित किया है. इसके विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले एटक यूनियन के अध्यक्ष रामस्वरूप, झारखंड मजदूर कल्याण संघ के नेता अर्जुन महतो, झारखंड कोलावेरी मजदूर यूनियन के सचिव मिस्त्री मरांडी, और जनता मजदूर संघ के सचिव जय राम यादव ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर स्कूल बस में किराया लगाने का विरोध किया. यूनियन नेताओं ने कहा कि परियोजना की स्थापना के लिए रैयतों ने अपनी जमीन दी थी, और कोल इंडिया के नियमों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा निशुल्क मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शुल्क लगाने से अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और रैयतों में असंतोष फैलेगा, जिससे परियोजना के विस्तार में बाधा आ सकती है. उन्होंने महाप्रबंधक से बस किराया शुल्क पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया.
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