मानसून की सक्रियता और अच्छी बारिश के बाद पथरगामा प्रखंड के खेत-खलिहानों में एक बार फिर कृषि कार्य की रौनक लौट आयी है. किसान जुताई, बिचड़ा उखाड़ने और धान की रोपाई में जुट गये हैं. इसी क्रम में शुक्रवार को प्रखंड की पीपरा पंचायत अंतर्गत होपनाटोला गांव में कुड़मि समाज की पारंपरिक पांचाटि पूजा के साथ धान रोपाई की शुरुआत की गयी. आदिवासी कुड़मि समाज के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो ने बताया कि धान रोपाई से पहले पांचाटि पूजा करने की परंपरा समुदाय में सदियों से चली आ रही है. इस पूजा के दौरान किसान खेत में पांच गोछी बिचड़ा धान, अरवा चावल, दूब घास, धूप, अगरबत्ती, बेलपत्र और फूल अर्पित कर खेत, खलिहान तथा कृषि उपकरणों की विधिवत पूजा करते हैं. पूजा के उपरांत ही सामूहिक रूप से धान रोपाई का कार्य प्रारंभ किया जाता है. उन्होंने बताया कि समुदाय की मान्यता है कि इस परंपरागत पूजा से अच्छी फसल होती है तथा फसल कीट-पतंगों और अन्य प्राकृतिक बाधाओं से सुरक्षित रहती है. दिनेश कुमार महतो ने कहा कि कुड़मि समाज का प्रमुख आधार कृषि है और धान इसकी सबसे महत्वपूर्ण फसल है. उन्होंने कहा कि इस बार समय पर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. यदि मौसम का साथ इसी तरह मिलता रहा तो अच्छी पैदावार की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि इस समय किसान खेतों की जुताई, क्यारियां तैयार करने, बिचड़ा उखाड़ने और धान रोपाई जैसे कृषि कार्यों में पूरी तरह जुट गये हैं. खेतों में मजदूरों की आवाजाही भी बढ़ गयी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां तेज हो गयी हैं. इस अवसर पर रामेश्वर महतो, दीपक कुमार महतो, दिव्यांश कुमार महतो, कलावती महतो, मीणा महतो, सोनी महतो, दीप्ति श्री महतो सहित गांव के अनेक किसान एवं महिलाएं उपस्थित थीं.
पांचाटि पूजा के साथ धान रोपाई की हुई शुरुआत, खेतों में लौटी रौनक
पथरगामा में कुड़मि समाज ने पारंपरिक पांचाटि पूजा के साथ धान रोपाई की शुरुआत की। अच्छी बारिश से किसानों में खुशी, खेतों में कृषि कार्य तेज हुए।

होपना टोला में हल बैल थामे किसान. | Prabhat Khabar Network