खेतों में लौटी हरियाली, मंत्री दीपिका की पहल से किसानों के खिले चेहरे

गोड्डा में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के प्रयासों से भौरा बराज की मरम्मत पूरी हुई.नहरों में पानी आने से हजारों किसानों के खेतों में फिर से हरियाली लौटी है.

ठाकुरगंगटी. राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के विशेष प्रयासों से भौरा बराज परियोजना की मरम्मती का कार्य पूरा हो गया है. इसके बाद परियोजना का पानी हजारों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि तक पहुंच रहा है. नहरों में पानी आने से क्षेत्र के किसानों में खुशी है और खेतों में हरियाली लौट आयी है. कई वर्षों से भौरा बराज परियोजना की मुख्य नहर एवं वितरण प्रणाली के क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. मानसून के दौरान भी पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलें प्रभावित हो रही थीं.

मंत्री के निर्देश पर युद्ध स्तर पर भौरा बराज की हुई मरम्मत

किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया था. मंत्री की पहल पर विभाग की ओर से युद्धस्तर पर मरम्मती कार्य कराया गया. नहरों की सफाई, गेटों की मरम्मत और लीकेज को ठीक करने के बाद अब भौरा बराज परियोजना से ठाकुरगंगटी एवं मेहरमा प्रखंड के हजारों हेक्टेयर रकबे में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है.

तीन-चार साल से सूखी थी नहर

नहरों में पानी पहुंचते ही किसान अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े. धान, मक्का एवं सब्जी की फसलों में पानी पहुंचने से किसानों में खुशी की लहर है. परासी गांव के किसान रामलाल मंडल ने कहा, पिछले 3-4 साल से नहर सूखी पड़ी थी. इस बार मंत्री जी के प्रयास से समय पर पानी मिला है, अब फसल अच्छी होगी.

ट्यूबवेल पर निर्भरता घटने की उम्मीद

ठाकुरगंगटी की महिला किसान सुमित्रा देवी ने कहा, नहर में पानी देखकर मन प्रसन्न हो गया. अब हमें ट्यूबवेल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. नहर में पानी की उपलब्धता से किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक साधनों पर होने वाले खर्च से भी राहत मिलने की उम्मीद है.

12 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को मिलेगी सिंचाई सुविधा

कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार भौरा बराज से लगभग 12 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इससे रबी एवं खरीफ दोनों फसलों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है. सिंचाई सुविधा का दायरा बढ़ने से क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है.

खेतों में लौटी हरियाली, बेहतर फसल की उम्मीद

भौरा बराज की मरम्मती के बाद नहरों में पानी पहुंचने से पूरे क्षेत्र के खेतों में हरियाली लौट आयी है. लंबे समय से सिंचाई संकट झेल रहे किसानों को अब आगामी फसल बेहतर होने की उम्मीद है. समय पर पानी मिलने से खेती पर निर्भर परिवारों के लिए यह राहत केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी रोजमर्रा की आर्थिक उम्मीदों से भी जुड़ी है.


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By Prabhat khabar news desk

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