महागामा के बसुआ चौक पर गुरुवार शाम हाइटेंशन तार की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों के गंभीर रूप से झुलसने की दर्दनाक घटना के बाद भी बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. इस हादसे ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन इसके बावजूद गोड्डा शहरी क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर लटकते बिजली के तार लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं. शहर के कई इलाकों में बिजली के तार पोलों से नीचे तक झूल रहे हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. गुरुवार को महागामा के बसुआ चौक पर पोल से लटके उच्च वोल्टेज तार की चपेट में आने से दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गये थे. प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए बोकारो रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है. घटना के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है.
कई इलाकों में खतरे का कारण बने लटकते तार
महगामा हादसे के बाद गोड्डा शहर के लोगों की चिंता और बढ़ गयी है. शहर के गोड्डा कॉलेज प्रवेश द्वार के समीप, कर्पूरी नगर, सरकंडा, भतडीहा, गंगटा मुहल्ला सहित कई रिहायशी क्षेत्रों और मुख्य बाजारों में बिजली के तार काफी नीचे तक लटके हुए हैं. कई स्थानों पर तार जमीन से कुछ ही फीट की ऊंचाई पर हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों और जूनियर इंजीनियर को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायतें दी हैं. लटकते तारों को कसने तथा जर्जर तारों को बदलने की मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग ने आवश्यक कदम नहीं उठाये, तो गोड्डा शहर में भी महागामा जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
सड़कों पर मौत बनकर झूल रहे जर्जर तार
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, हल्की आंधी या बारिश होने पर इन तारों से चिंगारियां निकलने लगती हैं. कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के आसपास तारों का जाल फैला हुआ है, जिससे वहां से गुजरना भी जोखिम भरा हो गया है. महागामा की घटना से सबक लेते हुए शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से पूरे शहरी क्षेत्र का सर्वे कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जहां-जहां तार लटक रहे हैं या जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाये, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके.
