हनवारा, प्रतिनिधि : भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व शुक्रवार को क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही घर-घर में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा. बहनों ने पूजा की थाली सजाकर भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर प्रेम की डोर बांधी. राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर जीवनभर उनकी खुशियों में साथ देने का संकल्प लिया.
राखी के धागे में बंधा बचपन का प्यार
रक्षाबंधन महज कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच वर्षों से चले आ रहे स्नेह, विश्वास और अपनापन का उत्सव है. राखी का छोटा सा धागा रिश्ते की मजबूती और भावनाओं को अपने में समेटे रहता है. बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो उस पल बचपन की यादें और साथ बिताये खूबसूरत पल भी ताजा हो उठते हैं.
दूर रहकर भी दिल से करीब रहे भाई-बहन
रोजगार और पढ़ाई के कारण कई भाई-बहन एक-दूसरे से दूर रहते हैं. ऐसे में कई बहनों ने पहले ही डाक और कूरियर के माध्यम से भाइयों तक राखी पहुंचा दी थी. वहीं पर्व के दिन मोबाइल फोन और वीडियो कॉल के जरिये भाई-बहनों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं. दूरी के बावजूद रिश्तों की गर्माहट और प्रेम में कोई कमी नहीं दिखी.
राखियों से सजा हनवारा बाजार, खूब हुई खरीदारी
रक्षाबंधन को लेकर हनवारा बाजार में भी खास रौनक रही. बाजार में रंग-बिरंगी, डिजाइनर और आकर्षक राखियों की दुकानें सजी रहीं. बहनों ने अपनी पसंद की राखियां खरीदीं. इसके अलावा मिठाई, कपड़े और उपहारों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली. बच्चों में भी रक्षाबंधन को लेकर खास उत्साह रहा.
कलाई पर राखी सजी तो चेहरों पर खिली मुस्कान
पर्व के दौरान कई घरों में बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाकर राखी बांधी. भाई की कलाई पर सजी राखी रिश्ते की मजबूती और बहन के प्यार का प्रतीक बनी. भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी खुशियों में शामिल होने का प्रयास किया. परिवार के सदस्यों ने साथ बैठकर पर्व की खुशियां साझा कीं.
लोगों ने कहा कि जिस भाई की कलाई पर बहन के हाथों से राखी बंधती है, वह सचमुच खुशनसीब होता है. भाई-बहन का यह रिश्ता समय के साथ और गहरा होता जाता है. रक्षाबंधन का पर्व इसी प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को हमेशा कायम रखने का संदेश देता है.
