स्वदेशी जागरण मंच की आक्रोश यात्रा, लोकल उत्पादों के प्रयोग पर दिया जोर
लोकल सामान अक्सर ताजगी और गुणवत्ता के मामले में बेहतर
स्वदेशी जागरण मंच की ओर से महागामा में आक्रोश यात्रा का आयोजन किया गया. इस दौरान प्रांत पूर्णकालिक हिमांशु शेखर, जिला संयोजक अजय चौबे, जिला पूर्णकालिक मोनू दुबे, चेंबर्स ऑफ कामर्स के उपाध्यक्ष मोहन केसरी, प्रभुनाथ भगत, शशिकांत जयसवाल, नितीश मोदी, अमर मोदी, अमित जायसवाल, मंगल मोदी एवं व्यवसाइयों ने भाग लिया. इस दौरान मंच के प्रांत संयोजक राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य जन -जन में स्वदेशी अपनाने की भावना जागृत करना है. बताया कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिक प्रयोग करना न केवल हमारी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को भी संरक्षित करने में मदद करता है. स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करने से देश के भीतर उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिलता है. स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करने से हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को संरक्षित करने में मदद मिलती है. मोहन केसरी ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी कम करने और लोकल सामान खरीदने के कई फायदे हैं, लोकल सामान खरीदने से स्थानीय व्यवसायों और उत्पादकों को समर्थन मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है. लोकल सामान खरीदने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते है. लोकल सामान अक्सर ताजगी और गुणवत्ता के मामले में बेहतर होते है. लोकल सामान खरीदने से परिवहन की आवश्यकता कम होती है, जिससे पर्यावरण पर कम प्रभाव पड़ता है. इस दौरान लोगों से लोकल सामान खरीदने को प्रेरित किया गया.
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