गोड्डा में सर्पदंश से दो महिलाओं की मौत

समय पर इलाज नहीं मिलने और झाड़-फूंक में हुई देरी बनी मौत की वजह

गोड्डा जिले में सर्पदंश का कहर लगातार जारी है. बीते 24 घंटे में दो महिलाओं की सांप काटने से मौत हो गयी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि दोनों ही मामलों में समय पर चिकित्सा नहीं मिल सकी, जिससे एक बार फिर अंधविश्वास और जागरूकता की कमी पर सवाल खड़े हो गये हैं. पहली घटना नगर थाना क्षेत्र के अमरपुर मोहल्ले की है, जहां 32 वर्षीय सीमा देवी को गुरुवार देर रात घर के काम के दौरान विषैले सांप ने डस लिया. परिवारजन तुरंत उपचार के लिए नहीं ले जा सके और इलाज में देरी के कारण सीमा देवी ने दम तोड़ दिया. शुक्रवार सुबह उनका शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया. दूसरी घटना ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के धरनीचक गांव की है. 35 वर्षीय रीना कुमारी को गुरुवार रात सोते समय सांप ने डस लिया. लेकिन परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक के लिए गांव के विषहरी स्थान ले गये. जब स्थिति बिगड़ने लगी, तब जाकर उसे शुक्रवार को सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. डॉक्टरों ने पुष्टि किया है कि महिला को अस्पताल लाने में अत्यधिक देरी हो गयी थी.

पिछले 15 दिनों में पांच मौतें, एक दर्जन से अधिक घायल

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 15 दिनों में सर्पदंश के कारण जिले में पांच लोगों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर चिकित्सा सहायता लेने की प्रवृत्ति नहीं बन पायी है. स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक में भरोसा करने की मानसिकता आज भी ग्रामीण इलाकों में गहराई से जमी हुई है. लोग पहले गांव के ओझा और विषहरी स्थलों पर जाते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है और जान जोखिम में पड़ जाती है.

जिले में सर्पदंश से अब तक छह लोगों की मौत

गोड्डा जिले में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं, जिससे अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है. हाल ही में राजाभीठा के ऊपर बंधा गांव में 9 वर्षीय बच्ची की सोते समय सांप के काटने से मौत हो गयी. इससे पूर्व सैदापुर गांव में करीब 7-8 दिन पहले भी सोते हुए एक भाई और बहन को सांप ने डस लिया था, जिससे दोनों की मौत हो गयी थी. जिले में लगातार सर्पदंश की घटनाएं सामने आ रही है और प्रत्येक दिन कई लोग सर्पदंश के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं. इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हो चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन घटनाओं को देखते हुए सर्पदंश से बचाव और त्वरित इलाज के लिए विशेष अभियान चलाये जाने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान बचायी जा सके.

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Author: SANJEET KUMAR

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