प्रतिनिधि, पथरगामा. पथरगामा प्रखंड क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. इस अवसर पर पथरगामा डाकघर रोड स्थित गंगाराम साह प्राचीन ठाकुरबाड़ी और तुलसीकित्ता स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी में विशेष आयोजन किया गया. दोनों ठाकुरबाड़ियों को फूल, माला और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था. सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था.
आधी रात गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे
गंगाराम साह ठाकुरबाड़ी में भजन-कीर्तन के बीच पंडित ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न करायी. रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाये, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा. भक्तों ने बाल कृष्ण को झूला झुलाने की परंपरा भी पूरी की.
तुलसीकित्ता स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. यहां भी भजन संध्या और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु देर रात तक कृष्ण भक्ति में लीन रहे.
घर-घर सजे बाल कृष्ण, बच्चों में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी की खुशी में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में छोटे बच्चे बाल कृष्ण की वेशभूषा में सजे नजर आये. बच्चों के कान्हा रूप ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. कई घरों में श्रद्धालुओं ने पूजा स्थल पर बाल लल्ला को झूला झुलाकर जन्माष्टमी का उत्सव मनाया.
क्षेत्र के अन्य स्थानों पर भी पंडाल बनाकर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित की गयी. पंडितों की ओर से विधि-विधान के साथ जन्मोत्सव का पूजन कराया गया. कृष्ण भक्तों ने उपवास रखकर राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना की.
प्रसाद वितरण के साथ हुआ आयोजन का समापन
ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच पंजीरी, हलुआ, पेड़ा, सेव, केला और बतासा से सजे प्रसाद का वितरण किया गया. प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.
जन्माष्टमी को लेकर पथरगामा बाजार और आसपास के क्षेत्रों में भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक चहल-पहल रही. देर रात तक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचते रहे.
