झारखंड : महगामा के 1 श्रमिक की तमिलनाडु में मौत, दूसरे की चंडीगढ़ में सड़क हादसे में गई जान

झारखंड के एक श्रमिक की तमिलनाडु में मौत हो गई है. इसके बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है. श्रमिक महगामा के एक गांव का रहने वाला था. वह तमिलनाडु के ऊटी में कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए काम करने गया था.

झारखंड के संताल परगना के एक श्रमिक की तमिलनाडु में मौत हो गई है. इसके बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है. श्रमिक महगामा के एक गांव का रहने वाला था. वह तमिलनाडु के ऊटी में कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए काम करने गया था. इसी दौरान भू-धंसान हुआ और उसमें उसकी मौत हो गई. दूसरी ओर एक अन्य युवक की सड़क दुर्घटना में पंजाब के चंडीगढ़ में मौत हो गई.

भू-स्खलन में फंस गए थे झारखंड के दो श्रमिक

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, झारखंड के दो श्रमिक भू-स्खलन में फंस गए. ऊटी में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने के दौरान भू-स्खलन की घटना हुई. इसमें दो श्रमिक फंस गए. दोनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय एक श्रमिक ने रास्ते में दम तोड़ दिया.

महगामा का रहने वाला था मृतक

मृतक श्रमिक झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला था. जैसे ही उसकी मौत की खबर गांव में पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया. मृतक के घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने झारखंड सरकार से मांग की है कि प्रशासन की मदद से शव को गांव तक लाने की व्यवस्था की जाए.

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उधर, चंडीगढ़ में दुर्घटना में युवक की मौत

उधर, एक अन्य युवक की सड़क दुर्घटना में चंडीगढ़ में मौत हो गई है. वह महागामा थाना क्षेत्र के श्रीमतपुर गांव का रहने वाला था. उसका नाम रामसनी कुमार (22) था. शनिवार को ही उसकी दुर्घटना में मौत हो गई. ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर शव को प्राइवेट एंबुलेंस से बुधवार की रात महागमा लाया.

ड्यूटी से घर लौटते समय हुई दुर्घटना

रामसनी के पिता गरभू हरिजन ने यह जानकारी दी. बताया कि उसका पुत्र रामसनी कुछ वर्षों से चंडीगढ़ के प्राइवेट कैफे में काम करता था. शुक्रवार को चंडीगढ़ के सुहाना सेक्टर-12 से ड्यूटी समाप्त कर साइकिल से अपने डेरा लौट रहा था. इसी क्रम में अज्ञात वाहन की ठोकर से गंभीर रूप से घायल हो गया.

शव लाने के लिए ग्रामीणों ने जुटाया चंदा

स्थानीय लोगों ने उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया. गंभीर हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. पिता ने बताया कि रविवार को पुत्र की मौत की सूचना मिलने पर ग्रामीणों के सहयोग से चंदा जुटाकर रामसनी के शव को महागमा लाया गया. परिवार का इकलौता कमाने वाले सदस्य रामसनी की मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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