कोविड के सबक को भूल गया सिस्टम, चार साल से जंग खा रहा ऑक्सीजन प्लांट

सिर्फ नाम का इंफ्रास्ट्रक्चर: सदर अस्पताल के कोने में सड़ रहा लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट

सदर अस्पताल के एक कोने में वर्षों से पड़ा लिक्विड ऑक्सीजन तैयार करने वाला प्लांट अब मात्र शोभा की वस्तु बन कर रह गया है. तकरीबन चार से पांच वर्षों से यह प्लांट जंग खा रहा है, और आधे से अधिक हिस्सों में जंग लग चुका है. कोविड-19 के दौर में इस प्लांट को बड़े उत्साह के साथ अस्पताल लाया गया था, और इसे जल्द से जल्द इंस्टॉल करने की बात कही जा रही थी. लेकिन अफसोस, आज तक यह प्लांट न तो इंस्टॉल हो सका, न ही किसी तरह के उपयोग में लाया गया. इस प्लांट की विशेषता यह थी कि यह न केवल लिक्विड ऑक्सीजन तैयार कर सकता था, बल्कि सिलिंडर रिफिलिंग की भी सुविधा प्रदान करता. इसके बावजूद, इसके इंस्टॉलेशन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. अस्पताल प्रशासन की निष्क्रियता के कारण न केवल यह महंगा उपकरण बेकार पड़ा है, बल्कि अस्पताल की जगह भी अनावश्यक रूप से घेर ली गयी है. बताया गया है कि इस प्लांट को लाने में भारी राशि खर्च हुई थी, जो अब बर्बाद होती नजर आ रही है.

पीएम केयर फंड से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट बना सहारा

सदर अस्पताल में इससे पहले पीएम केयर फंड के अंतर्गत जो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था, वही आज भी अस्पताल के लिये मददगार साबित हो रहा है. कोविड-19 के दौरान लगाए गए इस प्लांट से तैयार की जा रही ऑक्सीजन पाइपलाइन के माध्यम से पूरे अस्पताल में पहुंचाई जा रही है. इसके अतिरिक्त, इसी प्लांट से सिलिंडर रिफिल कर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भी आपूर्ति की जा रही है. यह प्लांट लगातार अस्पताल की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है.

कोविड के बढ़ते खतरे के बीच ठोस पहल की दरकार

देश में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है. कई राज्यों में संक्रमण का खतरा बढ़ चुका है, जिससे सावधानी बरतना और भी आवश्यक हो गया है. वर्ष 2021 में ऑक्सीजन की कमी के कारण जिले में दो दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गयी थी. उस समय मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने से भी परहेज किया जा रहा था. इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट को खरीदा गया था, लेकिन उसके इंस्टॉलेशन को लेकर लापरवाही की गयी. यदि यह प्लांट समय पर चालू हो गया होता, तो पीएम केयर फंड से लगे प्लांट के साथ मिलकर अस्पताल की ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था को और भी मजबूत बनाया जा सकता था.संबंधित एजेंसी को कई बार कहा गया है. स्टेट से आयोजित मीटिंग में भी कई बार इस बात को रखा गया है. संबंधित एजेंसी को अस्पताल परिसर में जगह भी आवंटित करा दिया गया है. इसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है. जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई लापरवाहीं नहीं है. इस मामले में विभाग के वरीय अधिकारियों सहित जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है.

– डॉ अरविंद, अस्पताल उपाधीक्षकB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >