कझिया नदी किनारे पनदाहा गांव में बालू धंधा जोरों पर

गोड्डा के पनदाहा और लक्ष्मी गांव के पास बहने वाली कझिया नदी से बालू निकालने का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। यह क्षेत्र बालू मंडी के रूप में प्रसिद्ध हो गया है, जहाँ सैकड़ों लोग बालू के व्यवसाय में लगे हैं। नदी की तलहटी को लगातार खोदने से नदी की गहराई बढ़ रही है, जिससे स्थानीय किसान चिंतित हैं। इसके बावजूद, बालू कारोबार सफेदपोश, खाकी और दबंगों के संरक्षण में फल-फूल रहा है और हर दिन लाखों रुपये का व्यापार हो रहा है। यह गतिविधि न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बड़े पैमाने पर संचालित हो रही है।

कझिया नदी को खोद कर बालू निकाल रहे लोग संवाददाता,गोड्डा. गोड्डा-सुंदरपहाड़ी मुख्य मार्ग पर गोड्डा से लगभग पांच किलोमीटर दूर पनदाहा गांव स्थित है. यह गांव आज बालू मंडी के रूप में प्रसिद्ध है. यह गांव जमनी गांव से पहले कझिया नदी के किनारे स्थित है. इस गांव के अलावा लक्ष्मी गांव के सैकड़ों लोग भी बालू के धंधे में लगे हुए हैं. गांव के रास्ते से गुजरते समय दो प्रमुख बातें साफ नजर आती हैं: एक, बालू का जमावड़ा और दूसरा, कझिया नदी की तलहटी को खोदने का लगातार काम. स्थानीय किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस तरह से बालू निकालने से नदी की गहराई बढ़ रही है. फिर भी, यहां बालू कारोबार सफेदपोश, खाकी व दबंगों के संरक्षण में हर दिन लाखों रुपये का कारोबार किया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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