मांझी परगना की व्यवस्था को मजबूत करे राज्य सरकार : चांद नारायण

बैठक में आदिवासी संगठन के सदस्यों ने की समस्याओं पर चर्चा

पांच व छह अप्रैल को आदिवासी संगठनों की होगी विचार गोष्ठी प्रतिनिधि, बोआरीजोर प्रखंड के डोरमा चौक के मैदान आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक हुई. इसमें चांद भैरो क्लब डोरमा, संथाल आश्रम बड़ा इटहरी, आदिवासी जागवार मोर्चा जोजो टांड़ी , जोहार आदिवासी गोड्डा , माउंट एवरेस्ट क्लब बच्चा के सदस्यों ने भाग लिया. निर्णय लिया गया कि पांच व छह अप्रैल को प्रशिक्षण शिविर एवं विचार गोष्ठी का आयोजन उच्च विद्यालय डोरमा चौक में होगा. इसमें समाज के कई बुद्धिजीवी नेता शामिल होंगे. बैठक में चांद नारायण मुर्मू ने बताया कि यह क्षेत्र कोयला खनन से प्रभावित है. आदिवासी समुदाय के लोगों की जमीन अधिग्रहण की जाती है. पर आदिवासी लोगों को जमीन का मुआवजा व अन्य सुविधा सरकारी नियम के तहत नहीं मिल पाती है. नियम की जानकारी भी आदिवासी समुदाय के लोगों को नहीं है. मालूम है विचार गोष्ठी में संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, आदिवासी प्रथागत कानून, मांझी परगना का स्वशासन व्यवस्था, कोल बैरिंग एक्ट 1957, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार 2013 और लार एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी. लोग हक एवं अधिकार को जान सकें. मौके पर मुखिया प्रतिनिधि सोना लाल टुडू, राकेश मरांडी आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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