गोड्डा: नेताओं से भरोसा उठा तो खुद संभाला मोर्चा, चंदा जुटाकर 2 साल से बंद जलमीनार किया चालू

Godda News: गोड्‌डा स्थित महागामा प्रखंड के गढ़ी गांव में ग्रामीणों ने आपसी चंदे से दो साल से खराब पड़े सोलर जलमीनार को ठीक कराया. इससे गांव के लोगों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इसे दुरुस्त कराने के लिए कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई हुई, जिसके बाद ये फैसला लिया गया. पढ़ें पूरी खबर.

हनवारा से फिरोज आलय की रिपोर्ट

Godda News, गोड्डा: सरकार और जनप्रतिनिधियों के भरोसे बैठे रहने के बजाय जब जनता खुद अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आए तो बदलाव तय है. कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है गोड्डा जिले स्थित महागामा प्रखंड क्षेत्र के गढ़ी गांव में, जहां शिव मंदिर के पास लगा सोलर जलमीनार पिछले करीब दो वर्षों से पूरी तरह खराब पड़ा था. जलमीनार के बंद होने से न केवल आसपास के दर्जनों ग्रामीण परिवारों के सामने पानी का संकट खड़ा था, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा था. अधिकारियों की उदासीनता से तंग आकर आखिरकार ग्रामीणों ने खुद इस समस्या को जड़ से खत्म करने का फैसला किया.

सावन में श्रद्धालुओं को न हो परेशानी

आगामी सावन माह को देखते हुए गढ़ी गांव के लोगों ने यह ऐतिहासिक और सामूहिक निर्णय लिया. ग्रामीणों का कहना है कि सावन के दौरान इस ऐतिहासिक शिव मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए हर साल भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक था. इसी सामाजिक जिम्मेदारी और आस्था का परिचय देते हुए गांव के लोगों ने आपस में बैठक की और आपसी सहयोग से चंदा एकत्रित करके सोलर जलमीनार की मरम्मत का काम पूरा कराया.

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अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने फेर ली थी आंखें

ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि इस दो साल पुरानी समस्या को लेकर उन्होंने कई बार संबंधित विभाग, बड़े अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे. विभिन्न माध्यमों से भी इस गंभीर मुद्दे को लगातार उठाया गया, लेकिन लंबे समय तक किसी के स्तर से कोई ठोस पहल या सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार गांव की एकजुटता और सामूहिक प्रयास की बदौलत इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सका. अब सोलर जलमीनार के दोबारा चालू होने से न सिर्फ गढ़ी गांव के दर्जनों परिवारों की प्यास बुझेगी, बल्कि सावन में बाबा भोलेनाथ के दरबार आने वाले भक्तों को भी पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.

भविष्य के लिए सिस्टम को दी नसीहत

अपनी मेहनत से पानी की किल्लत दूर करने के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी ऐसी गंभीर समस्याओं पर संबंधित विभाग समय रहते ध्यान देगा. ग्रामीणों का कहना है कि टैक्स देने के बावजूद अगर लोगों को पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए खुद ही व्यवस्था करने पर मजबूर होना पड़े, तो यह प्रशासनिक तंत्र की नाकामी को दर्शाता है. बहरहाल, गढ़ी गांव के इस सामूहिक प्रयास की चर्चा अब आसपास के कई इलाकों में जोर-शोर से हो रही है और लोग ग्रामीणों के इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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