लाखों का राजस्व, बदले में गंदगी-जलजमाव, गोड्डा बस स्टैंड में यात्री सुविधाएं बदहाल

लाखों का राजस्व वसूलने के बावजूद गोड्डा बस स्टैंड में गंदगी, जलजमाव और जर्जर शेड से यात्री परेशान. जानें क्यों बदहाल है ये महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल.

संवाददाता, गोड्डा. शहर के बीचोंबीच स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड इन दिनों नगर प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है. सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त सार्वजनिक स्थलों में शामिल यह बस स्टैंड नगर परिषद के लिए राजस्व वसूली का जरिया बनकर रह गया है. यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं के लिए समुचित व्यवस्था नहीं होने से बस स्टैंड आने वाले लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

इस बस स्टैंड से बिहार और बंगाल के अलावा झारखंड के विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए प्रतिदिन सैकड़ों बसों का परिचालन होता है. देवघर, दुमका, धनबाद, टाटा, रांची, पाकुड़, साहिबगंज, पीरपैंती, पटना, कोलकाता और भागलपुर सहित कई शहरों के लिए बसें यहां से खुलती हैं. सुबह से देर रात तक यात्रियों की आवाजाही रहती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है.

हल्की बारिश में ही जलजमाव, गंदगी से नारकीय स्थिति

बस स्टैंड परिसर में हल्की बारिश होते ही गंदा पानी जमा हो जाता है. कीचड़ और बदबू के कारण यात्रियों को परिसर के भीतर आने-जाने में परेशानी होती है. जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गंदगी लंबे समय तक जमा रहती है.

गंदे पानी और कचरे के कारण आसपास का वातावरण भी प्रदूषित रहता है. इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है. स्वच्छता अभियान के दावों के बावजूद बस स्टैंड में सफाई व्यवस्था की स्थिति यात्रियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.

शौचालयों की सफाई नहीं, महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी

बस स्टैंड परिसर में बने शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को होती है.

यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर शौचालय और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है.

सड़क पर खड़ी होती हैं बसें, जाम का खतरा

बस स्टैंड परिसर में गंदगी और जलजमाव के कारण कई बस चालक बसों को अंदर ले जाने के बजाय मुख्य सड़क पर ही खड़ा कर यात्रियों को चढ़ाते और उतारते हैं. इससे मुख्य मार्ग पर दिनभर यातायात प्रभावित होता है.

सड़क पर बसों के रुकने से जाम की स्थिति बनती रहती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड के भीतर व्यवस्था बेहतर हो तो मुख्य सड़क पर बसों के खड़े होने की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है.

जर्जर यात्री शेड, कभी भी हो सकता है हादसा

बस स्टैंड परिसर में यात्रियों के लिए बने शेड भी जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इन शेडों की स्थिति ऐसी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. जर्जर भवन के कुछ हिस्सों पर दुकानदारों का कब्जा भी बताया जा रहा है.

यात्रियों के बैठने और बारिश या धूप से बचने के लिए पर्याप्त सुरक्षित स्थान नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है.

भीषण गर्मी में भी पेयजल की व्यवस्था नहीं

बस स्टैंड पर स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है. गर्मी के दिनों में यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. मजबूरी में यात्री महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदने को विवश होते हैं.

स्थानीय निवासियों और यात्रियों का कहना है कि नगर परिषद हर साल डाक के माध्यम से बस स्टैंड से लाखों रुपये का राजस्व वसूलती है, लेकिन यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं पर पर्याप्त राशि खर्च होती नजर नहीं आती.

दो वर्षों में बिगड़ती गयी व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले बस स्टैंड में प्रशासन की ओर से अपेक्षाकृत बेहतर व्यवस्था थी और यात्रियों को कई सुविधाएं मिलती थीं. लेकिन पिछले करीब दो वर्षों में स्थिति लगातार बिगड़ती गयी है.

स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, पहले बस स्टैंड की स्थिति ऐसी नहीं थी. धीरे-धीरे रखरखाव की कमी के कारण परिसर में गंदगी, जलजमाव और अव्यवस्था बढ़ती चली गयी.

जर्जर बसों को लेकर नगर परिषद और बस मालिकों में पेंच

बस स्टैंड की बदहाल स्थिति को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि बस स्टैंड में कई जर्जर गाड़ियां वर्षों से खड़ी हैं. उनके अनुसार, इन बसों के नीचे लोग गंदगी करते हैं, जिससे परिसर की स्थिति खराब होती है.

उन्होंने कहा कि इन गाड़ियों को हटाने के लिए कई बार बस मालिकों को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन बस मालिक उन्हें हटाने को तैयार नहीं हैं. इसके कारण बस स्टैंड के जीर्णोद्धार में भी परेशानी हो रही है.

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल कुछ जर्जर बसों को बस स्टैंड की बदहाली का कारण नहीं माना जा सकता. उनके अनुसार, परिसर की सफाई, जल निकासी, पेयजल और यात्री सुविधाओं के रखरखाव की कमी भी इसकी बदहाल स्थिति की बड़ी वजह है.

अब यात्रियों और स्थानीय लोगों की नजर नगर परिषद की अगली पहल पर है. लोगों की मांग है कि बस स्टैंड का जल्द जीर्णोद्धार कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो और यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय व सुरक्षित यात्री शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं.


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By Nirabh kishor

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