महागामा में खिलायी गयी 570 बच्चों को फाइलेरिया की दवा

फाइलेरिया बीमारी मादा संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महागामा की टीम द्वारा जयनारायण प्लस टू उच्च विद्यालय महागामा और संत माइकल एंग्लो इंडियन स्कूल मोहनपुर में कैम्प लगाकर 570 बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलायी गयी. इस दौरान एसआइ बृजनयन कुंवर ने बच्चों को फाइलेरिया बीमारी के लक्षण, कारण एवं बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि फाइलेरिया बीमारी मादा संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है और यह एक आदमी से दूसरे आदमी में मच्छरों द्वारा फैलता है. इस बीमारी से आदमी विकलांग भी हो जाता है. फाइलेरिया बीमारी में आदमी का हाथ-पैर फुल जाता है. हाइड्रोसिल बड़ा हो जाता है. फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए हर साल सरकार द्वारा चलाये जाने वाले फाइलेरिया प्रोग्राम के तहत 2 साल से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, अति वृद्ध व्यक्ति और गंभीर रूप से बीमार लोग छोड़कर सभी को दवा खानी चाहिए तथा मच्छरों से बचाव को लेकर मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए. घर के आसपास गंदा पानी जमा होने नहीं देना चाहिये. स्वास्थ्य टीम में मुकेश कुमार, विमल कुमार, रजनीश आनंद, खुशबू मिंज और एएनएम शामिल थे.

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