महागामा-पीरपैंती प्रस्तावित रेलवे लाइन के नये सीमांकन को रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड राज्य किसान सभा के बैनर तले मेहरमा प्रखंड परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया. धरने का नेतृत्व किसान सभा के सचिव अशोक साह ने किया. धरना में शामिल रैयतों एवं किसानों ने कहा कि महागामा से पीरपैंती तक रेलवे लाइन के लिए पहले किये गये सर्वेक्षण में बहुत कम लोगों के मकान प्रभावित हो रहे थे. लेकिन नये सीमांकन के कारण दरियाचक, प्रतापपुर, हरिपुर, मेहरमा, शंकरपुर मंडल टोला, शंकरपुर, पिरोजपुर, पत्तीचक, अमजोरा, गोविंदपुर और ईटहरी सहित कई गांवों के सैकड़ों गरीब किसानों के घर उजड़ने की आशंका है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई ऐसे परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं, जिन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी से जमीन खरीदकर मकान बनाया है और उनके पास रहने के लिए कोई अन्य भूमि उपलब्ध नहीं है.
पुराने सीमांकन के आधार पर रेल लाइन बिछाने की मांग
धरना को संबोधित करते हुए किसान सभा के सचिव अशोक साह ने कहा कि इस मामले से गोड्डा के सांसद, रेल मंत्री, गोड्डा के उपायुक्त तथा रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है. उनसे पुराने सीमांकन के आधार पर रेलवे लाइन का निर्माण कराने की मांग की गयी है, ताकि कम से कम लोगों का विस्थापन हो. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने मामले पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब भी नये सीमांकन के आधार पर कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे गरीब किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं.
मांगें नहीं मानी गयी तो आंदोलन होगा तेज
अशोक साह ने चेतावनी दी कि यदि गरीब किसानों की मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. धरना के उपरांत प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन डीसी के नाम बीडीओ अभिनव कुमार को सौंपा. इस अवसर पर प्रभाष कुमार सिन्हा, मो. रकीम, बारीक खान, एतवारी साह, अजय साह, शिवशंकर साह, सुबोध दास, नेपाली दास सहित बड़ी संख्या में किसान एवं रैयत उपस्थित थे.
