संवाददाता, गोड्डा. समाहरणालय सभागार में डीसी लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में डीडीसी विस्पुते श्रीकांत यशवंत, डीईओ मिथिला टुडू, डीएससी दीपक कुमार सहित सभी बीईओ, बीपीओ, बीआरपी और सीआरपी मौजूद रहे. बैठक में डीसी ने पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की.
उन्होंने परफॉर्मेंस के आधार पर राज्यस्तर पर जिले की रैंकिंग में सुधार लाने का निर्देश दिया. कहा कि इसके लिए सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है.
शत-प्रतिशत शिक्षक दर्ज करें ऑनलाइन हाजिरी
उपायुक्त ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन बायोमीट्रिक उपस्थिति की समीक्षा की. उन्होंने सभी शिक्षकों को शत-प्रतिशत ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने का निर्देश दिया.
जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है, वहां बीईओ, बीपीओ, बीआरपी और सीआरपी की जवाबदेही तय कर उपस्थिति में सुधार लाने को कहा गया. उन्होंने लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों, कर्मियों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये.
बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था होगी दुरुस्त
डीसी ने सभी विद्यालयों में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया. विद्यालयों में स्वच्छता सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराने के साथ रोस्टर के अनुसार स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने को भी कहा.
उन्होंने छूटे हुए बच्चों का आधार नामांकन और जन्म प्रमाण पत्र जल्द बनवाने पर जोर दिया. बीआरपी को निर्देश दिया गया कि जिन विद्यालयों में डिजिटल क्लास की सुविधा उपलब्ध है, वहां नियमित निरीक्षण कर डिजिटल कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करें.
नियमित स्कूल भ्रमण और बच्चों की काउंसलिंग पर जोर
डीसी ने सभी बीईओ, बीआरपी और सीआरपी को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण करने और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया. उन्होंने छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग कर उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने पर भी जोर दिया.
आवासीय विद्यालयों का होगा नियमित निरीक्षण
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय समेत अन्य आवासीय विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, नामांकन तथा समग्र शिक्षा के तहत चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गयी.
अधिकारियों को आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप खान-पान समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. निरीक्षण की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजने को भी कहा गया.
डीसी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केवल योजनाओं का संचालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
