प्रतिनिधि, हनवारा. सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना के तहत गांवों में स्थापित की गयी सोलर जलमीनारें कई स्थानों पर रखरखाव के अभाव में बेकार साबित हो रही हैं. महागामा प्रखंड क्षेत्र के नरैनी गांव में लगी सोलर जलमीनार पिछले करीब एक वर्ष से खराब पड़ी है. जलमीनार बंद रहने के कारण गांव के दर्जनों परिवारों के सामने पेयजल का संकट गहरा गया है.
15 से 20 घरों को मिलता था नियमित पानी
ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार के चालू रहने के दौरान करीब 15 से 20 घरों को नियमित रूप से पानी मिलता था. जलमीनार खराब होने के बाद इन परिवारों के सामने पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार की मरम्मत के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गयी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के अधिकांश लोग मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ऐसे में निजी स्तर पर पानी की व्यवस्था करना उनके लिए मुश्किल है. सरकारी योजना के तहत उपलब्ध करायी गयी सुविधा यदि नियमित रूप से संचालित हो तो गांव की पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है.
मरम्मत के अभाव में बेकार हो रही योजना
ग्रामीणों का आरोप है कि जलमीनार खराब होने के बाद अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी है. इसके कारण सरकार की ओर से पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगायी गयी योजना ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होने के बजाय बेकार पड़ी है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कर उसे चालू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके. ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार जल्द चालू नहीं हुई तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को विवश होंगे.
