रसोई गैस के दाम बढ़ने से बिगड़ा घरेलू बजट, महिलाओं में नाराजगी

29 रुपये महंगा हुआ घरेलू एलपीजी सिलेंडर, तीन माह में दूसरी बढ़ोतरी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अब आम लोगों की रसोई पर भी पड़ने लगा है. रविवार से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गयी है. नयी दरें लागू होने के बाद गृहिणियों और महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है. उनका कहना है कि गैस सिलेंडर लगातार महंगा होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. देशभर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि की गयी है.

29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी

तेल विपणन कंपनियों द्वारा रविवार, 7 जून से घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गयी है. गोड्डा में अब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 970.50 रुपये से बढ़कर 999.50 रुपये हो गयी है. यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है. इससे पूर्व मार्च माह में भी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि की गयी थी. रविवार सुबह नयी दरें लागू होते ही गृहिणियों की चिंताएं बढ़ गयी. महिलाओं का कहना है कि एक ओर सब्जियां, दालें और खाद्य तेल पहले से ही महंगे हैं, वहीं रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से घर का खर्च संभालना कठिन होता जा रहा है. मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं ने कहा कि आय सीमित है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में हर महीने रसोई के लिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करना चुनौती बनता जा रहा है.

पारंपरिक चूल्हे की ओर लौटने की आशंका

जिला मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने चिंता जतायी कि यदि गैस सिलेंडर के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो उन्हें मजबूरी में फिर से लकड़ी और कोयले के पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेना पड़ सकता है. उनका कहना है कि इससे न केवल घरेलू कार्यों में कठिनाई बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. महिलाओं ने सरकार से बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने तथा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत देने की मांग की है, ताकि आम परिवारों को आर्थिक बोझ से कुछ राहत मिल सके.

गोड्डा में पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत

घरेलू गैस (14.2 किग्रा) : 999.50 रू.

कॉमर्शियल गैस (14.2 किग्रा) : 3300.50 रू.घरेलू गैस (5 किग्रा) : 371.50 रू.

पेट्रोल : 105.82 रू. लीटरडीजल : 100.91 रू. लीटर

सीएनजी : 93.00 रू. किग्रा

क्या कहती है महिलाएं

घरेलू गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है. सीमित आय में बढ़ती महंगाई के कारण घर का खर्च चलाना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है. सरकार को परेशानियों से राहत देनी चाहिए.

-संजना ठाकुर, गृहिणी

इस वर्ष अब तक रसोई गैस की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है. लगातार बढ़ते दामों से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. गैस की कीमतों में बार-बार वृद्धि से मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं.

-प्रीति भारती, गृहिणी

रसोई गैस घर की सबसे आवश्यक जरूरतों में से एक है. इसके बिना भोजन बनाना संभव नहीं है. महंगाई के इस दौर में गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने घरेलू बजट को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे परिवार का खर्च संभालना कठिन हो रहा है.

-पीहू कुमारी, गृहिणी

गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि का सबसे अधिक असर गृहिणियों पर पड़ रहा है. सीमित संसाधनों में रसोई का प्रबंधन करना पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है. सरकार को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

-पार्वती देवी, गृहिणी

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Author: SANJEET KUMAR

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