राजमहल कोल परियोजना के जीरो पॉइंट के पास डंप किये गिये कोयले में आग लग गयी है. इससे परियोजना को लाखों का नुकसान हो रहा है. जीरो पॉइंट के पास लगभग 10 हजार टन कोयला स्टॉक किया हुआ है. अचानक कोयले में आग लग गयी है. हालांकि प्रबंधन द्वारा आग बुझाने के लिए दमकल से पानी दिया जा रहा है. परियोजना के सुरक्षा पदाधिकारी रामानंद प्रसाद ने कहा कि पुराना एवं नया कोयला का मिश्रण होने पर आग लगने की संभावना बढ़ जाती है और जमीन के अंदर कोयला सुरक्षित रहता है. उसे बाहर निकाल कर ज्यादा दिन रखने पर ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर अपने आप आग लग जाता है. उन्होंने कहा कि मार्च के महीने में कोयला का उत्पादन ज्यादा हुआ था औैर डिस्पैच उत्पादन के अनुपात में काफी कम हुआ था. कोयला स्टॉक ज्यादा दिन रह गया, इसलिए आग लग गयी. हालांकि आग बुझाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. 50% से ऊपर आग पर काबू पा लिया गया है और आग बुझाने के साथ कोयला का डिस्पैच भी किया जा रहा है. आसपास के ग्रामीण हो रहे प्रभावित कोयला में आग लगने से आसपास के ग्रामीण काफी प्रभावित हो रहा है. आग का धुआं गांव की तरफ जाता है, जिससे पर्यावरण प्रभावित हो रहा है. यूनियन नेता रामजी साह ने बताया कि प्रबंधन सिर्फ कोयला उत्पादन में अपना ध्यान को रखा. डिस्पैच पर बारीकी से ध्यान नहीं दिया गया. प्रबंधन की गलत नीति के कारण कोयला में आग लगी है, जिससे सरकार का लाखों का नुकसान हुआ है.
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