सूख गयी ढोलिया नदी, रबी फसल की बुआई पर संकट गहराया

नदी सूख जाने से किसान परेशान हैं. बताते चलें कि मेहरमा व ठाकुरगंगटी प्रखंड के करीब तीन हजार एकड़ की सिंचाई इस ढोलिया नदी से होती है.

दो प्रखंडों की तीन हजार एकड़ जमीन की होती है सिंचाई, किसान परेशान

प्रतिनिधि, मेहरमा

प्रखंड क्षेत्र के डोय गांव के पास से बहने वाली ढोलिया नदी बिल्कुल सूख चुकी है. नदी के सूख जाने के कारण मेहरमा व ठाकुरगंगटी प्रखंड में रबी फसल बुआई पर संकट मंडरा गया है. नदी सूख जाने से किसान परेशान हैं. बताते चलें कि मेहरमा व ठाकुरगंगटी प्रखंड के करीब तीन हजार एकड़ की सिंचाई इस ढोलिया नदी से होती है. इस वर्ष खासकर मेहरमा में कम बारिश होने के कारण किसान किसी प्रकार धान की फसल का पटवन तो कर लिए है. मगर करीब 15 दिनों से ढोलिया नदी सूख जाने के कारण किसानों में काफी मायूसी छा गयी है. बता दें कि ढोलिया नदी में पानी रहने पर किसान अपने-अपने खेतों में गेहूं के अलावा दलहन व तिलहन फसलों की खेती करते थे. इस वर्ष ढोलिया नदी बिल्कुल सूख जाने के कारण किसान परेशान हैं.

ललमटिया का पानी नदी में छोड़ने की मांग

किसानों का कहना है कि अगर बारिश नहीं हुई या फिर ढोलिया नदी में ललमटिया से पानी नहीं छोड़ा गया तो किसानों के घर में चुटकी भर गेहूं, दलहन व तिलहन नहीं पहुंच पायेगा. इससे किसानों की आमदनी पर असर पड़ेगा. किसान गंगाधर सिंह, राजेश सिंह, मृत्युंजय कुमार, उदय कुमार, घनश्याम मंडल, सीताराम यादव, मो सिद्दीक, मो नजमुल, संजय किस्कू, निर्मल कुजूर आदि ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों व वरीय पदाधिकारियों से ललमटिया का पानी को ढोलिया नदी में छोड़ने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >