राजमहल कोल परियोजना के ओसीपी एजेंट ओपी चौधरी की शिकायत पर ललमटिया थाना में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने तथा परियोजना को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले में पांच महिलाओं को नामजद करते हुए 100 अज्ञात महिलाओं के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है. ओसीपी एजेंट ओपी चौधरी ने अपने आवेदन में बताया कि 13 जुलाई को जीरो प्वाइंट के समीप बड़ा भोराय गांव की गुड़िया देवी, सलोनी किस्कू, शांति किस्कू, लीलावती हांसदा, सुनीता हेंब्रम तथा 100 से अधिक अज्ञात महिलाओं ने परियोजना के कोयला डिस्पैच कार्य को बाधित किया. इसके कारण लगभग सात हजार टन कोयले का डिस्पैच प्रभावित हुआ, जिससे परियोजना को लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है.
बिजली की मांग को लेकर चल रहा था आंदोलन
आवेदन में कहा गया है कि ग्रामीण बिजली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. परियोजना प्रबंधन का कहना है कि संबंधित गांव का वर्ष 2002 में पुनर्वास किया जा चुका है तथा वहां झारखंड सरकार की बिजली आपूर्ति उपलब्ध है. इसके बावजूद परियोजना प्रबंधन ने भी बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी आंदोलन के दौरान कार्य बाधित किया गया. ललमटिया थाना प्रभारी रोशन कुमार ने बताया कि मामले में कांड संख्या 38/26 के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पांच नामजद एवं 100 अज्ञात महिलाओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
