खुद बीमार है जमायडीह का आयुष्मान आरोग्य मंदिर

शौचालय की स्थिति है खराब, मरीजों के लिए लगे बेड भी हो चुके हैं जर्जर

महागामा. महागामा प्रखंड क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. इस कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का विभागीय दावा खोखला साबित हो रहा है. महागामा प्रखंड क्षेत्र में लगभग दो लाख 51 हजार आबादी को सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ देने के लिए 20 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया गया है. इसमें अधिकतर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पेयजल, शौचालय, बिजली समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. क्षेत्र के जमायडीह स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुख्य सड़क किनारे होने के बावजूद केंद्र में मरीजों की सुविधा के लिए शौचालय, पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है. वर्तमान समय में आरोग्य मंदिर परिसर में वर्षों पूर्व बना शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है. चापाकल भी खराब पड़ा है. उपस्वास्थ्य केंद्र की पांच वर्ष पूर्व टूटी चहारदीवारी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ी है. केंद्र में कार्यरत एएनएम रश्मि कुमारी ने बताया कि बीते 10 वर्ष से परिसर में बना शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया जो मरीजों के उपयोग करने लायक नहीं है. चापानल खराब रहने से पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. पानी के अभाव में वर्तमान समय में महिलाओं का डिलीवरी नहीं हो रहा है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महागामा भेजा जाता है. जल-जमाव की समस्या का नहीं हो रहा समाधान कैंपस में बरसात के दिनों में अक्सर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. जिससे काफी परेशानी का सामना पर करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य केंद्र में जमाईडीह, पंचायत के अलावा दुर्गापुर, पथरकानी, करणू आदिवासी व मंडल टोला के लोग चिकित्सीय सुविधा के लिए आते हैं, जहां रोजाना 10 से 15 मरीजों को दवा दी जाती है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों के अभाव में लोग इलाज कराने जाने से कतराते हैं. आयुष्मान आरोग्य मंदिर भांजपुर में कार्यरत सीएचओ सोनम प्रिया ने बताया कि यहां खोरद, अंजना, हसन करहरिया, भांजपुर के ग्रामीण आते हैं. आरोग्य केंद्र में बना शौचालय मरम्मत के अभाव में उपयोग करने लायक नहीं है. शौचालय का दरवाजा टूट गया है. पानी की समस्या की समस्या है. आयुष्मान आरोग्य केंद्र लौगांय में बना शौचालय में जंगल झाड़ ऊग जाने के कारण उपयोग के लायक नहीं है. आरोग्य केंद्र आनेवाले मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है.

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By SANJEET KUMAR

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