गोड्डा. भूमि संरक्षण सह समिति निदेशक विकास कुमार शनिवार को सुखाड़ की स्थिति का जायजा लेने संताल परगना दौरे पर गोड्डा पहुंचे. गिरिडीह से गोड्डा पहुंचने के बाद वे पाकुड़ के लिए रवाना हुए. गोड्डा में जिला मुख्यालय स्थित एटिक सेंटर में उन्होंने सैकड़ों किसानों के बीच बिरसा कृषि फसल विस्तार योजना के तहत मक्का, मड़ुवा, मूंग और मूंगफली के बीज का वितरण किया. निदेशक ने किसानों से संवाद करते हुए रासायनिक खाद और उर्वरकों के अधिक उपयोग से होने वाले नुकसान की जानकारी दी. कहा कि रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है और पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित होता है. उन्होंने किसानों से विशेष रूप से दलहनी फसलों में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी. बताया कि दलहनी फसलों की जड़ों में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन स्थिरीकरण होता है. निदेशक ने किसानों को वैज्ञानिक एवं मौसम आधारित खेती अपनाने तथा वैकल्पिक फसलों की खेती पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मक्का, मूंग, मड़ुवा और मूंगफली जैसी फसलें कम जोखिम वाली हैं और इनकी उपज बेचकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी अभिजीत शर्मा, उपप्रमुख किरण देवी, उप परियोजना निदेशक संधीर खालको, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अंबुज मुर्मू, बीटीएम शैलेंद्र कुमार, मनोज ठाकुर, बिरेंद्र प्रताप वर्मा, अनुराग कुमार, शशि कुमार सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
रासायनिक खाद से दूरी बनाएं, वैज्ञानिक खेती अपनाएं : निदेशक

रासायनिक खाद से दूरी बनाएं, वैज्ञानिक खेती अपनाएं : निदेशक
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गोड्डा में निदेशक विकास कुमार ने किसानों को रासायनिक खाद के नुकसान बताए और वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दी. दलहनी फसलों की खेती पर विशेष जोर दिया गया है.