हत्यारे को आजीवन सश्रम कारावास की मिली सजा

25 हजार रुपये जुर्माना भी लगा, नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त काटनी होगी सजा

प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन सिंह की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी को दोषी पाकर सजा सुनायी है. कोर्ट ने आरोपी को भादवि 302 के तहत दोषी पाकर आजीवन सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा अलग से काटनी होगी. सजावार आरोपी ज्ञानदेव राय पथरगामा थाना क्षेत्र के भगवानचक का रहनेवाला है. आरोपी के विरुद्ध लक्षमण राय ने अपने पिता बदरी राय की हत्या करने का आरोप लगाकर पथरगामा थाना में 17 अगस्त 2014 की शाम में घटित घटना को लेकर आरोपी एवं अन्य पर मुकदमा किया था. अन्य आरोपी कुमॊद राय, फुचन राय व प्रमोद राय को एडीजे टू के कोर्ट द्वारा पूर्व में सजा दी जा चुकी है .वही ज्ञानदेव राय का टर्आयल चल रहा था. सत्र वाद 172/14 सरकार बनाम ज्ञानदेव राय में कोर्ट ने कुल हुई 10 गवाहों की गवाही के आधार पर उक्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को सजा काटने जेल भेज दिया गया.

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