गोड्डा : मंगलवार को सदर अस्पताल के ओपीडी में एक गर्भवती महिला का इलाज कराने गयी सामाजिक कार्यकर्ता वंदना दुबे व ऑन ड्यूटी महिला चिकित्सक डॉ प्रभा रानी में जोरदार बहस हो गयी.
करीब आधे घंटे तक दोनों के बीच जिच चलता रहा. हंगामा होता रहा. दरअसल में मंगलवार को महिला ओपीडी में महिला रोगी व गर्भवती माताओं की लंबी लाइन लगी हुई थी. इस क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा साथ ले गयी गर्भवती माता को इलाज कराने के लिए ओपीडी कक्ष में दाखिल होकर चिकित्सक से इलाज करने की बात कही गयी. महिला चिकित्सक द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता को रोगी लाइन से क्रमबद्ध तरीके से इलाज कराने को कहा. साथ ही महिला चिकित्सक ने सामाजिक कार्यकर्ता को बाहर निकलने की नसीहत दे दी. जबकि मरीज को सीरियस बता कर महिला कार्यकर्ता चिकित्सक से तुरंत अटैंड करने की मांग कर रही थी.
” मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं. किसी रोगी को लेकर इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल लेकर जाती हूं तो चिकित्सक द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जाता है. इसकी शिकायत डीसी व सीएस से की जायेगी.”
-वंदना दुबे, महिला सामाजिक कार्यकर्ता .
क्या कहती हैं चिकित्सक
” महिला ओपीडी में रोगी की अत्यधिक भीड़ थी. कई महिला रोगी लाइन में कतारबद्ध लगी हुई थी. वंदना दुबे ने एक रोगी का तुरंत इलाज करने का दबाव बनाया. उन्हें रोगी को लाइन से आकर इलाज करने व बाहर जाने की बात कही तो हंगामा कर दिया.”
-डॉ प्रभा रानी, महिला चिकित्सक, सदर अस्पताल.
अस्पताल प्रबंधन ने किया बीच बचाव
महिला ओपीडी में हंगामा होने की सूचना पर अस्पताल प्रबंधन व सभी स्टॉफ बीच बचाव कर मामले को शांत कराया. साथ ही प्रबंधक मुकेश कुमार व कर्मचारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता व महिला चिकित्सक के बीच विवाद को शांत कराया.
