प्रभात खबर आपके द्वार . महगामा के टिकाटोला के ग्रामीणों ने सुनायी परेशानी, कहा
आदिवासी बहुल टोला के लोग कई बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं. भीषण गरमी में पेयजल संकट से गांव की 300 आबादी जूझ रही है. पानी पंचायत के आयोजन के बाद भी खराब चापानल दुरुस्त नहीं हो पाये हैं. ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियाें के प्रति खासा आक्रोश देखा जा रहा है.
महगामा : प्रभात खबर आपके द्वारा के बैनर तले महगामा प्रखंड के खदहरा पंचायत के टिकाटोला गांव के लोगों ने समस्याओं को सुनाते बताया कि आदिवासी बहुल इस गांव में कुल 300 आबादी गुजर बसर करती है.
जबकि वोटरों की संख्या 174 है. अप्रैल माह में भीषण गरमी में पेयजल की समस्या काफी विकराल रूप ले चुकी है. सरकार के योजनाएं टिका टोला गांव नहीं पहुंच पायी है. आलम यह है कि पानी के लिए गांव वाले इधर-उधर भटक रहे हैं. जबकि सरकार जल पंचायत चला कर अपनी उपलब्धियां गिनाने में लगी है. पूरे गांव में पांच सरकारी चापाकल तो हैं
लेकिन सभी से आयरन युक्त गंदा पानी निकल रहा है. गांव में चार पेयजल कूप है. जल स्तर नीचे चले जाने के कारण कुएं से पानी निकलना असंभव हो गया है. इंदिरा आवास का लाभ केवल आठ लोगों को ही मिल पाया है. जबकि सरकार के स्वच्छ भारत मिशन गांव तक नहीं पहुंच सकी है. महिलाएं आज भी खुले में जाने को विवश है. ग्रामीण महिलाओं में बेकारी मांझी, मरांगमय मुर्मू, एतवारी मुर्मू ने बताया कि घर में शौचालय है. बाहर जाने में शर्म आती है. दूसरी ओर गांव की सड़क भी आज तक आधी ही बन पायी है. जनप्रतिनिधि केवल बड़ी बड़ी बातें कर चले जाते हैं. विकास नहीं होता है.
क्या कहते हैं ग्रामीण
” गांव में पानी की समस्या है. लोगों को पेयजल के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है. चापाकलों से गंदा पानी आ रहा है.”
-बेटाराम मुर्मू
” गांव की सड़क आधी ही बन पायी है. पूरा करने के दिशा में कोई ध्यान नहीं दे रहा. नेता को आश्वासन देकर चले जाते हैं. पीसीसी सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है.”
-देय बेसरा
” गांव वालों को शौचालय नहीं मिला है. महिलाओं को खुले में जाने में दिक्कत होती है. शौचालय दिये जाने की मांग करते हैं.”
-भिखारी मांझी, ग्रामीण.
”गांव में पानी की समस्या को जल्द ही दूर कर लिया जायेगा. खराब चापाकल की सूची पीएचइडी को भेज कर मरम्मत की मांग की गयी है. प्रखंड प्रशासन को भी ध्यान आकृष्ट कराया गया है.”
-सिंधू देवी, मुखिया, खदहरा पंचायत.
