आइएमए-झासा के आह्वान पर
झारखंड सरकार से मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने की मांग
अस्पतालों व क्लिनिकों में भी ठप रही ओपीडी सेवा
इमरजेंसी मरीजों को दी गयी स्वास्थ्य सेवा
आइएमए-झासा सदस्यों ने किया प्रदर्शन
कहा अविलंब लागू नहीं हुआ तो होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल
गोड्डा : राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत आइएमए-झासा के आह्वान पर गोड्डा के डॉक्टरों ने भी सोमवार 16 मई को कार्य बहिष्कार किया़ गोड्डा सदर अस्पताल सहित जिले भर के सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों व निजी क्लिनिकों में ओपीडी सेवा पूरी तरह बाधित रही. मरीजों को सिर्फ आपातकालीन सेवा दी गयी़ सदर अस्पताल में सिर्फ अापातकालीन मरीजों को डॉक्टर द्वारा परामर्श दिया जा रहा था.
आइएमए-झासा के सभी सदस्य सदर अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन किया़ इस दौरान आइएमए-झासा सदस्यों ने पूरी तरह अपने अभियान को सफल बताते हुए कहा कि सभी प्राइवेट व सरकारी अस्पताल के डॉक्टर कार्य बहिष्कार पर हैं. आइएमए सचिव डॉ प्रभा रानी ने कहा कि डॉक्टर सिर्फ अापातकालीन व मेडिकोलीगल के कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं. प्राइवेट क्लिनिकों में भी डॉक्टरों की सभी सेवाएं बंद हैं. देश के 18 राज्यों में हॉस्पिटल प्रोटेक्शन एक्ट लागू है.
अविलंब झारखंड सरकार भी इसे राज्य में लागू करें अन्यथा डॉक्टर हड़ताल पर जा सकते हैं. डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. डाॅक्टरों का नेतृत्व आइएमए अध्यक्ष डॉ बीके भगत व झासा अध्यक्ष डॉ प्रवीण राम ने किया. सभी चिकित्सकों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए निजी क्लिनिक बंद कर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का काम किया है.
दस से चार बजे तक जुटे रहे चिकित्सक
अपने आंदोलन को धारदार बनाने के लिए सभी चिकित्सक सदर अस्पताल के हॉल में सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक जुटे रहे. चिकित्सकों ने अपने को कार्य से अलग कर आंदोलन को सफल बनाने का काम किया है. आंदोलन में आइएमए सचिव डॉ प्रभा रानी प्रसाद, झासा सचिव डॉ मंटु टेकरीवाल, चिकित्सक अशोक कुमार, डॉ तरुण कुमार मिश्रा, डॉ अनंत कुमार झा, डॉ डीके चौधरी, डॉ सीएल वैद्य, डॉ बनदेवी झा, डॉ उषा सिंह, डॉ टीएस झा, डॉ एके झा, डॉ राम प्रसाद आदि थे.
