माता के दर्शन को दुर्गा मंदिरों में जुटी हजारों की भीड़

शहर की सबसे पुरानी दुर्गा मंदिर मां बड़ी दुर्गा मंदिर रोशनी से जगमग गोड्डा : शहर की सबसे पुरानी दुर्गा मंदिर बाबुपाड़ा स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में सौ वर्षों से पूजा-अर्चना हो रही है. सोमवार की देर रात पंडाल का पट खुला. इससे पहले पास के मूलर्स टैंक से बेलभरनी मां की प्रतिमा मंदिर लायी […]

शहर की सबसे पुरानी दुर्गा मंदिर मां बड़ी दुर्गा मंदिर रोशनी से जगमग

गोड्डा : शहर की सबसे पुरानी दुर्गा मंदिर बाबुपाड़ा स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में सौ वर्षों से पूजा-अर्चना हो रही है. सोमवार की देर रात पंडाल का पट खुला. इससे पहले पास के मूलर्स टैंक से बेलभरनी मां की प्रतिमा मंदिर लायी गयी. पंडितों की टोली ने विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना करायी.

मंदिर से करीब पांच सौ मीटर तक की सड़क को रोशनी से नहला दिया गया है. हर तरफ जगमग करते विद्युत सज्जा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना है. मां बेलभरनी को लाने के लिये पंचबचना का प्रयोग किया गया. बंगला पद्धति से ढाक को बजाते हुये मंदिर तक कलश लाया गया.

सीसीटीवी कैमरे से की जा रही निगरानी

गोड्डा. इधर शहर में पूजा को लेकर विशेष सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर कुल छह सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. गत वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान एक साथ करीब 30 से 35 महिलाओं के चेन स्नैचिंग की घटना हुई थी. इस बार इस तरह की घटनाओं से बचने के लिये शहर के मुख्य छह स्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. जिनमें कारगिल चौक के सभी चार कोने में चार कैमरे, बस स्टैंड में दो तथा थाना गेट पर एक कैमरा लगाया गया है. जबकि रौतारा दुर्गापूजा कमेटी द्वारा अपने खर्च पर पंडाल पर सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं.

आज से शहर में स्पीड से वाहन चलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा

थाना प्रभारी नगर पास्कल टोप्पो ने बताया कि शहर में तेज गति तथा मोटरसाइकिल स्टंट स्टाइल करने वालों को दंडित किया जायेगा. साथ ही ट्रिपल लोडिंग पर भी नकेल कसी जायेगी. थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार से शहर के कारगिल चौक , हटिया चौक, सिनेमाहाॅल चौक, रौतारा, असनबनी, बस स्टैंड, नहर चौक, सरकंडा चौक पर चार एक की सुरक्षा दी जा रही है. पुलिस की प्रतिनियुक्ति के साथ दो पुलिस गश्ती जीप के साथ एक थाना प्रभारी की गश्ती एवं दो टाइगर मोबाइल भी पूरी तरह से गश्ती करेंगे.

अष्टमी व नौंवीं तिथि को लेकर उहापोह

गोड्डा. दुर्गापूजा में अष्टमी तथा नौवमीं को लेकर पंडितों की राय भिन्न-भिन्न है. पंडित भृगुवर झा ने बताया कि ..उदयाभानो सतिथि चकला भवेत यानि भगवान सूर्य के उदय के साथ ही तिथि होती है. जिसका उदय उसका अस्त के सिद्धांत पर नवमीं तिथि का पूजन गुरुवार को तथा सप्तमी की पूजा मंगलवार को एवं अष्टमी बुधवार को होगा. पहली पूजा को प्रतिपदा के 19 मिनट अधिक हो जाने के कारण पूजा में इस तरह के तिथि पड़ रही है.

मंगलवार के दिन के नौ बजे सप्तमी की समाप्ति के बाद अष्टमी प्रवेश करेगा. यानि मंगलवार को सप्तमी के समय सूर्यउदय व बुधवार को 8:52 बजे अष्टमी का प्रवेश होगा. गुरुवार को दिन के 7:22 के बाद से नवमी तिथि प्रारंभ होगी. बताया कि इस तरह 22 को नौवमीं तथा बुधवार को अष्टमी व्रत रख कर भक्त पूजन कर सकते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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