पोड़ैयाहाट : स्वच्छ भारत अभियान केवल कागजी फाइलों में ही सिमट कर रह गयी है. सरकार व जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता अभियान की बातें बेईमानी लग रही है. गांव-गांव को निर्मल भारत अभियान के तहत स्वच्छ रखने वाली सरकार अपने ही कार्यालय को स्वच्छ रखने में अक्षम साबित हो रही है.
पोड़ैयाहाट प्रखंड परिसर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है. जबकि प्रखंड क्षेत्र में करीब ढाई सौ आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका सहायिका की मासिक बैठक में सैकड़ों महिलाओं को बाल विकास परियोजना कार्यालय में शौचालय नहीं रहने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं कार्यालय में यूरिनल की व्यवस्था भी जर्जर स्थिति में है. ऐसे में कार्यालय में कार्य करने वाली महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कर्मचारियों के क्वार्टर में चल रहा कार्यालय: राज्य गठन के बाद पोड़ैयाहाट में अब तक बाल विकास परियोजना कार्यालय को अपना भवन तक नहीं मिल पाया है. फिलहाल ब्लॉक परिसर के कर्मचारियों के क्वार्टर में ही परियोजना कार्यालय का संचालन किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार मासिक बैठक में भाग लेने वाली सेविका सहायिका शौच के लिये बाहर जाती हैं.
