पथरगामा : बुधवार को पथरगामा प्रखंड के मालनिस्तारा पंचायत के आपदा प्रभावित परिवारों ने मुआवजे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया. बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने पंचायत भवन के सामने प्रदर्शन करते हुए पंचायत के मुखिया सहित सरकारी कर्मियों को बंधक बना लिया. समझाने पहुंचे प्रमुख अजय कुमार भगत को भी ग्रामीणों ने करीब साढ़े पांच घंटे तक बंधक बनाये रखा.
पंचायत भवन में आपदा प्रभावित परिवारों से रिपोर्ट लिया जा रहा था. इसी दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया. ग्रामीणों का आरोप था कि प्रखंड प्रशासन ने घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी राहत सामग्री का वितरण नहीं किया. मुआवजा देने में भी देरी की जा रही है.
आक्रोशित ग्रामीणों ने मुखिया निरंजन पंजियारा, रोजगार सेवक सुनील कुमार सुमन, राजस्व कर्मचारी मनोज कुमार, उमेश वैद्य, पंचायत सेवक श्रीप्रसाद पंडित को पंचायत भवन के अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया.
बाद में आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी की. उन्होंने बताया कि लोगों को अब तक एक मुट्ठी चावल तक नसीब नहीं हुआ है. फसल की बरबादी की फोटोग्राफी भी नहीं करायी गयी. प्रशासन सही रिपोर्ट नहीं कर रहा है. इस दौरान ग्रामीणों ने मुखिया, प्रमुख व कर्मियों को दिन के एक बजे से शाम के छह बजे तक बंधक बनाये रखा. बाद में प्रमुख व मुखिया के काफी समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए व उन्हें मुक्त किया.
‘‘ ग्रामीणों में आक्रोश हैं. प्रखंड प्रशासन की लापरवाही के कारण बंधक बना लिया था. उनकी मांग है कि पीड़ित परिवारों को अविलंब अनाज आदि की व्यवस्था नहीं की जा रही है. ’’
-निरंजन पंजियारा, मुखिया
‘‘ पीड़ित परिवारों की मांग जायज है. सरकारी व्यवस्था के कारण उन्हें भी लोगों के आक्र ोश क ा शिकार होना पड़ा. पीड़ित परिवारों को भोजन आदि के लिए चावल नहीं मिल पाया है. ’’
-अजय कुमार भगत, प्रमुख.
