तस्वीर: 24 प्रवचन का अमृतपान कराती साध्वीप्रतिनिधि, मेहरमामेहरमा प्रखंड के अमौर गांव में चैती नवरात्र को लेकर श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने प्रवचन का अमृत पान किया. प्रवचन कर्ता साध्वी प्रेमा सखी ने कहा कि भागवत कथा की रचना व्यास जी महाराज ने की थी. चार वेद व अठारह पुराण की रचना करने के बाद जब उन्हें संतुष्टि नहीं मिली तो उन्होंने भागवत कथा की रचना की. चार श्लोक से अठारह हजार श्लोक व्यास जी महाराज द्वारा बनाया गया है. प्रवचन में कहा कि मानव को सुबह उठ कर अपने से बड़े लोगों को प्रणाम करना चाहिए. महिलाओं को स्नान ध्यान करने के पश्चात ही रसोई घर में प्रवेश करना चाहिए. कथा श्रवण को सुनने का प्रयास करना चाहिए. दौरान मंच पर कलाकार घनश्याम झा, मिथलेश आदि मौजूद थे.
श्रद्धालुओं ने प्रवचन का किया अमृत पान
तस्वीर: 24 प्रवचन का अमृतपान कराती साध्वीप्रतिनिधि, मेहरमामेहरमा प्रखंड के अमौर गांव में चैती नवरात्र को लेकर श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने प्रवचन का अमृत पान किया. प्रवचन कर्ता साध्वी प्रेमा सखी ने कहा कि भागवत कथा की रचना व्यास जी महाराज ने की थी. चार वेद व अठारह पुराण की रचना […]
