कहा कि छत्तीसगढ़ से दामाद भीम राणा ने मोबाइल पर बीते शनिवार की दोपहर करीब दो बजे घटना की सूचना दी. दामाद छत्तीसगढ़ में शव का पोस्टमार्टम कराकर रविवार की दोपहर अपने घर दलांगी पहुंचा. रविवार शाम को ही अंतिम संस्कार कर दिया गया. मृतका के पिता ने कहा कि उनकी पुत्री को हमेशा ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था. गत पांच मई को दलांगी में दामाद व सास-ससुर ने पुत्री के साथ झगड़ा किया था. सूचना मिलते ही प्रार्थी छह मई को पुत्री की ससुराल पहुंचा और उनका मेल-मिलाप करा दिया. दामाद छत्तीसगढ़ में कारपेंटर का काम करता है. वह अपने साथ आठ मई को पुत्री व दो छोटे-छोटे बच्चों को छत्तीसगढ़ ले गया. 16 मई को पुत्री के फांसी लगा लेने की सूचना मिली. प्रार्थी ने छत्तीसगढ़ की पुलिस से इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. कहा कि छत्तीसगढ़ थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
घटना के समय पति घर में नहीं था
दूसरी तरफ, मृतका के पति भीम राणा ने कहा कि 16 मई की सुबह अपने काम पर चला गया. पत्नी व दो छोटे छोटे बच्चे घर में ही थे. पत्नी ने घर में बच्चों को सुलाकर कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बाद में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दोपहर को खाना खाने घर पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद मिला. पत्नी को आवाज दी तो उठी नहीं. सूचना के बाद आयी पुलिस ने वहां पहुंचकर कमरे का दरवाजा खोला तो पत्नी फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली.
बिरनी में नहीं दिया गया आवेदन
मृतका के पिता ने कहा कि बिरनी थाना में आवेदन लेने से इनकार कर दिया और घटनास्थल के थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही. थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने कहा कि घटना छत्तीसगढ़ की है. वहां के थाना प्रभारी से वार्ता हुई है. मृतका के पति के आवेदन पर यूडी प्राथमिकी दर्ज हुई है. इसलिए यहां आवेदन नहीं लिया गया है. छत्तीसगढ़ की पुलिस ने मृतका के पिता से भी वार्ता की है. वहां की पुलिस ने बयान दर्ज कर लेने की बात कही.
