इसके बाद परिजन शव के साथ वापस छोटकी खरगहीडा पहुंचे और हंगामा किया. सड़क पर उतरने कारण जाम की स्थिति पैदा हो गया. सूचना पर बेंगाबाद पुलिस पहुंची और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर परिजनों को समझाने में जुट गयी. काफी मशक्कत के बाद परिजनों को समझाकर माहौल को शांत कराया गया. पुलिस ने आवेदन के आधार पर कार्रवाई की भरोसा दिये जाने पर शव को पोस्टमार्टम में शव को सदर अस्पताल भेजा गया.
यह है मामला
जानकारी देते हुए खुरचुट्टा निवासी मृतका रिंकी देवी (32) की गोतनी अनीता देवी ने कहा गोतनी का इलाज पिछले 20 दिनों से सिद्धि विनायक अस्पताल से चल रहा था. यहां इलाज के नाम पर चिकित्सकों का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन कंपाउंडर और महिला कर्मी के भरोसे इलाज किया जाता है. सुधार नहीं होने पर दो दिन पूर्व रिंकी को यहां भर्ती कराया गया, मामूली इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गयी. शुक्रवार की सुबह पुन: इसे यहां लाया गया. कर्मी उसे पानी चढ़ाने लगे और कुछ ही देर में उसका ऑक्सीजन लेबल गिर गया. ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने के कुछ ही देर में उसके शरीर से कोई हरकत नहीं होने लगा. इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने गिरिडीह रेफर करते हुए एंबुलेंस में चढ़ा दिया. गिरिडीह ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया. मौके पर पहुंचे मृतका के भाई चपुआडीह निवासी डबलू राम ने अस्पताल कर्मियों की लापरवाही से बहन की मौत की बात कही. बताया कि उसकी मौत से चार छोटे-छोटे बच्चों के पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतका के पति संजय भदानी दूसरे प्रदेश में मजदूरी करता है.क्या कहते हैं अस्पताल प्रबंधक
अस्पताल प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि महिला को अन्य स्थान पर इलाज की बात पूर्व में कही गयी, लेकिन परिजनों ने ऐसा नहीं किया. इसके कारण उसका ऑक्सीजन लेबल गिर गया. कहा अस्पताल में ऑन कॉल चिकित्सक पहुंचकर मरीजों का इलाज करते हैं. इधर, एसआई रंधीर सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम में सदर अस्पताल भेजा गया है. आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
