कुम्हरलालो पंचायत के कठवारा में लगभग दो लाख पचास हजार की लागत से बने जलमीनार का स्ट्रक्चर ही अब दिख रहा है. यहां ना तो बोरिंग है और ना ही जलमीनार की स्थिति ठीक है. कठवारा चौक पर प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों का आना-जाना होता रहता है. ऐसे में लोगों को पीने के लिए पानी की दिक्कत हो रही है. बताया जाता है कि पुरानी बोरिंग के पास जलमीनार लगाया गया था. सड़क से की गयी बोरिंग, वाहन के गुजरने से धंस गयी. इसके बाद से जलमीनार से जलापूर्ति ठप है. स्थानीय लोगों ने कठवारा चौक पर तत्काल बोरिंग करवाने की मांग की है, ताकि उन्हें गर्मी के दिनों में पानी की सुविधा मिल सके.
बैंक में प्रतिदिन आते हैं सैकड़ों लोग
कठवारा चौक पर झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक है. इसके कारण प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है. ऐसे में गर्मी में लोगों को दिक्कती का सामना करना पड़ेगा.
पांच गांवों में सोलर पैनल युक्त टंकी का मोटर खराब, ग्रामीण हो रहे परेशान
सदर प्रखंड अंतर्गत अलगुंदा पंचायत के पांच गांवों में सोलर पैनल युक्त पानी टंकी लगभग छह माह से खराब है. चेंगरबासा, मानिकबाद, रघुसिंहा, धोसासिंहा व गोविंदपुर में लगी पानी टंकी का मोटर बंद रहने से दो हजार की आबादी परेशान है.दो हजार है आबादी :
ग्रामीण वासुदेव मंडल, रीतलाल वर्मा, बिरजू कुमार, संतोष कुमार, संजय कुमार आदि ने बताया कि संवेदक ने पानी टंकी तो बनवा दी है, पर कभी भी उसकी देखरेख नहीं होने से उसका मोटर खराब हो गया. ग्रामीणों ने पेयजल विभाग के वरीय अधिकारी को कई बार लिखित सूचना भी दी, पर अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है. मुखिया भागीरथ मंडल ने बताया कि पांच गांवों की टंकी का मोटर खराब रहने के कारण लोगों को पानी के लिए काफी भटकना पड़ता है. विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगता. ऐसे में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
