उत्क्रमित मध्य विद्यालय रताबहियार में चावल का पर्याप्त स्टॉक रहने के बावजूद मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बंद रखने, बच्चों को स्कूल ड्रेस और खेल सामग्री उपलब्ध नहीं कराने समेत प्रधानाध्यापक पर मनमानी के आरोप को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण गोलबंद हो गये. नवगठित विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाध्यापक सह सचिव अजय कुमार सिंह से विभिन्न मामलों को लेकर पूछताछ की.
12 बोरी चावल रहने पर एमडीएम बंद रखने पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, पूछताछ के दौरान प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में 12 बोरी चावल स्टॉक में होने की बात स्वीकार की. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब विद्यालय में पहले से चावल उपलब्ध था, तो करीब एक माह तक बच्चों के लिए एमडीएम क्यों बंद रखा गया. ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग की.
बताया गया कि कुछ दिन पहले विद्यालय को दोबारा 18 बोरी चावल आवंटित किया गया है. इसके बाद करीब एक सप्ताह से विद्यालय में बच्चों को एमडीएम दिया जा रहा है.
स्टॉक रूम खोलने में टालमटोल का आरोप
ग्रामीणों ने विद्यालय के स्टॉक रूम को खोलकर चावल का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की. ग्रामीणों का आरोप है कि स्टॉक रूम खोलने में काफी देर तक टालमटोल की गयी. बाद में कमरा खोला गया, तो वहां पहले से रखी 12 बोरी चावल के अलावा बच्चों के पुराने ड्रेस भी बोरे में भरे मिले.
ग्रामीणों ने स्कूल ड्रेस और खेलकूद की सामग्री बच्चों को उपलब्ध नहीं कराने पर भी सवाल उठाया. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के उपयोग के लिए मिली सामग्री को संकुल कक्ष में रखा गया है.
साइकिल के नाम पर राशि वसूली का भी आरोप
ग्रामीणों ने साइकिल वितरण के नाम पर राशि वसूली सहित अन्य मामलों को भी उठाया. उन्होंने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाये जाने पर कार्रवाई करने की मांग की.
मौके पर पूर्व मुखिया प्रकाश यादव, पंचायत समिति सदस्य विकास कुमार, एसएमसी अध्यक्ष पुरुषोत्तम यादव, मनोज मोदी, प्रदीप मोदी, गिरधारी यादव, मंटू यादव, नारायण महतो, भुनेश्वर महतो, दामोदर यादव, शंभु सोरेन, सोनालाल मुर्मू, किशुन दास समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
प्रधानाध्यापक ने आरोप को बताया निराधार
प्रधानाध्यापक सह सचिव अजय कुमार सिंह ने ग्रामीणों द्वारा लगाये गये आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि विभाग ग्रामीणों की शिकायतों की जांच करा सकता है. जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जायेगी.
