ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की कि पीएडीएस के अनाज की कालाबाजारी की जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजना के तहत गरीबों के लिए आवंटित राशन को रात के अंधेरे में अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी. स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से राशन वितरण को लेकर शिकायत मिलती रही हैं. कई लाभुकों ने पूरा अनाज नहीं मिलनेकी बात भी कही है. इसी को लेकर ग्रामीण पहले से सतर्क थे. बुधवार रात संदिग्ध गतिविधि देख लोगों ने वाहन को रोककर जांच की. सूचना मिलते ही घोड़थंबा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद अनाज लदे टेंपो को जब्त कर थाना ले गयी.
टेंपो में लदा हुआ है चावल
बताया जाता है कि वाहन में बड़ी मात्रा में चावल लदा हुआ है. हालांकि, प्रशासन ने अभी तक अनाज की मात्रा अथवा पीडीएस का चावल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. टेंपो चालक खरखरी का रवींद्र राय है.
लाभुकों ने दिया घोड़थंभा ओपी में आवेदन
काफी संख्या में लाभुकों ने घोड़थंभा ओपी में गुरुवार को आवेदन देकर चालक तथा गौसिया स्वयं सहायता समूह के संचालक सह डीलर नूर मोहम्मद पर 22 हजार 500 रुपये लेकर लगभग 10 क्विंटल चावल बेचने का आरोप लगाया तथा कार्रवाई की मांग की है. इधर, प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी श्रीकांत कुमार ने भी मामले की जांच की है. चालक को रात में ही पुलिस हिरासत में रखा गया.
विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई : घोड़थंभा ओपी प्रभारी धर्मेंद्र अग्रवाल ने बताया कि चावल से संबंधित जानकारी के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग को पत्र भेजा गया है. विभाग से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.आवेदक सह लाभुक मंसूर अंसारी, जावेद अंसारी, स्थानीय मुखिया के प्रतिनिधि नरेश यादव, सुदिन मियां आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डीलर नूर मोहम्मद तथा गौसिया स्वयं सहायता समूह के माध्यम से गरीबों के हक का राशन बाहर भेजा जा रहा था. लोगों का कहना है कि यदि वह सक्रिय नहीं होते तो सरकारी अनाज बाजार में बेच दिया जाता. घटना के बाद देर रात तक गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही और पीडीएस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी. ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.