Giridih News :भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं हथगढ़ के ग्रामीण

Giridih News :झारखंड में जल जीवन मिशन 2.0 लागू है और इसके तहत 2028 तक 32,620 गावों के हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है. इसके लिए नयी तकनीक का उपयोग करते हुए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जायेगा. दो साल बच गये हैं और अभी भी झारखंड के 45 प्रतिशत ग्रामीण परिवार अभी भी नल के शुद्ध पेयजल से वंचित हैं.

देवरी प्रखंड की गुनियाथर पंचायत के हथगढ़ गांव भी इन्हीं अभागे गांवों में शामिल है. यहां 75 प्रतिशत चापाकल खराब हैं, 100 प्रतिशत बोरिंग फेल है. गुनियाथर पंचायत के हथगढ़ के ग्रामीण भीषण पेयजल संकट से त्रस्त हैं. गांव में लगे चार चापाकलों में तीन खराब हैं. बचे एक चापाकल से कुछ ही परिवार को पानी मिल रहा है. जानकारी के मुताबिक जल मिशन के तहत गांव में पांच स्थानों पर जलमीनार बनवाकर पाइपलाइन से घर घर पानी पहुंचाने की योजना थी, पर सिर्फ दो स्थान पर बोरिंग की गयी. योजना के तहत अब एक भी परिवार को जलमीनार के माध्यम से पानी नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन दो सौ से भी अधिक परिवार को गांव के पास से गुजरी नदी किनारे चुआं पर निर्भर करनाप ड़ रहा है. यहां से किसी तरह पानी का इंतजाम हो रहा है. पीने के साथ-साथ नहाने-धोने का एकमात्र साधन नदी ही है.

स्थिति नहीं सुधरी तो होगा आंदोलन : पंसस

पंचायत समिति सदस्य पूजा कुमारी ने नदी का पानी पीने की ग्रामीणों की मजबूरी के बावजूद खराब चापाकल की मरम्मत नहीं करवाये जाने व जलमीनार को पूरा नहीं किये जाने पर चिंता जाहिर की है. कहा कि एक सप्ताह के अंदर पेयजल संकट को दूर नहीं किया गया तो आंदोलन किया जायेगा.

नयी एजेंसी से काम पूरा करवाया जायेगा : जेइ

विभागीय जेइ त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि खराब पड़े चापाकलों की सूची तैयार कर ली गयी है. जलमीनार लगाने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. दूसरी कंपनी से कार्य पूरा करवाया जायेगा.

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Author: PRADEEP KUMAR

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