देवरी प्रखंड की गुनियाथर पंचायत के हथगढ़ गांव भी इन्हीं अभागे गांवों में शामिल है. यहां 75 प्रतिशत चापाकल खराब हैं, 100 प्रतिशत बोरिंग फेल है. गुनियाथर पंचायत के हथगढ़ के ग्रामीण भीषण पेयजल संकट से त्रस्त हैं. गांव में लगे चार चापाकलों में तीन खराब हैं. बचे एक चापाकल से कुछ ही परिवार को पानी मिल रहा है. जानकारी के मुताबिक जल मिशन के तहत गांव में पांच स्थानों पर जलमीनार बनवाकर पाइपलाइन से घर घर पानी पहुंचाने की योजना थी, पर सिर्फ दो स्थान पर बोरिंग की गयी. योजना के तहत अब एक भी परिवार को जलमीनार के माध्यम से पानी नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन दो सौ से भी अधिक परिवार को गांव के पास से गुजरी नदी किनारे चुआं पर निर्भर करनाप ड़ रहा है. यहां से किसी तरह पानी का इंतजाम हो रहा है. पीने के साथ-साथ नहाने-धोने का एकमात्र साधन नदी ही है.
Giridih News :भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं हथगढ़ के ग्रामीण
Giridih News :झारखंड में जल जीवन मिशन 2.0 लागू है और इसके तहत 2028 तक 32,620 गावों के हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है. इसके लिए नयी तकनीक का उपयोग करते हुए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जायेगा. दो साल बच गये हैं और अभी भी झारखंड के 45 प्रतिशत ग्रामीण परिवार अभी भी नल के शुद्ध पेयजल से वंचित हैं.
