बगोदर प्रखंड के पड़रिया और ढिबरा गांव में रविवार की रात हाथियों के झुंड ने एक बार फिर जमकर उत्पात मचाया. करीब 30-35 हाथियों के झुंड ने पड़रिया स्कूल का दरवाजा तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया. वहीं गांव के टेकलाल महतो की दुकान को भी नुकसान पहुंचाया. हाथियों ने एक घर को भी ध्वस्त कर दिया. लगातार हो रहे उत्पात से ग्रामीणों में दहशत है और लोग अपने घरों व फसलों की सुरक्षा के लिए रातभर रतजगा करने को मजबूर हैं.
मशाल और लाठी लेकर हाथियों को भगाते रहे ग्रामीण
हाथियों के गांव में पहुंचने के बाद करीब 50 ग्रामीण मशाल और लाठी लेकर उन्हें खदेड़ने में जुट गये. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों में घुसने से घर और फसल दोनों खतरे में हैं. रात में लोग समूह बनाकर गांव और आसपास के इलाकों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि हाथियों को आबादी की ओर आने से रोका जा सके.
सूचना पर देर रात पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की सूचना ग्रामीणों ने रात में ही वन विभाग को दी. इसके बाद देर रात वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सायरन बजाकर हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने का प्रयास किया. हालांकि, हाथियों का झुंड अब भी पड़रिया के जंगल में मौजूद बताया जा रहा है.
17-18 दिनों से बगोदर वन क्षेत्र में घूम रहा झुंड
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड पिछले 17-18 दिनों से बगोदर वन क्षेत्र में घूम रहा है. झुंड में हाथी के बच्चे भी हैं. इस कारण हाथियों के लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने और आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की स्थिति बनी हुई है. प्रखंड के अलग-अलग पंचायतों से लगातार हाथियों द्वारा घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचनाएं मिल रही हैं.
ग्रामीणों ने वन विभाग की व्यवस्था पर उठाये सवाल
लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाने के लिए अब तक प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी है. रविवार रात भी स्थानीय ग्रामीण कमलदेव सिंह, उप प्रमुख हरेंद्र सिंह और मुखिया तुलसी महतो समेत अन्य लोग मौके पर मौजूद रहे. ग्रामीणों ने हाथियों से जान-माल की सुरक्षा के लिए वन विभाग से स्थायी और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
