कर्मिला देवी, लक्ष्मी देवी, रीना देवी, लीलावती देवी, सुदमिया देवी, समरेठ तुरी, पूनम देवी, बिसाल तुरी, महेंद्र तुरी ने कहा कि पंचायत की सबसे बड़ी समस्या सड़क की है. पंचायत के जेरोडीह, दाड़ीडीह, पिपराटांड़ व चंदली गांव के लिए अभी तक संपर्क सड़क नहीं बन पायी है. इन गांव के लोगों को जंगली व पथरीली उबड़ खाबड़ रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है. वहीं, दुधपनिया-कोयरीडीह सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गयी है. इस सड़क के जर्जर हो जाने की वजह से पंचायत के दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
नियमित रूप से नहीं खुलता है स्वास्थ्य उपकेंद्र
पंचायत के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए दो स्वास्थ्य उपकेंद्र चौकी व स्वास्थ्य उपकेंद्र कोयरीडीह में हैं, लेकिन केंद्र के नियमित रूप से नहीं खुलने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. इलाज के लिए लोगों को निजी व्यवस्था पर आश्रित होना पड़ रहा है. अधिकांश लोगों को इलाज के लिए देवरी, चतरो व गिरिडीह जाना पड़ता है.
बेकार पड़े हैं जलमीनार
जल जीवन मिशन के तहत पंचायत के घरों तक पानी नहीं पहुंचा है. नल जल योजना के संवेदक ने काम में मनमानी की. इसके कारण चौकी सहित अधिकांश गांव का जलमीनार बेकार पड़ा हुआ है. ग्रामीणों ने योजना के तहत अधूरे कार्य को पूरा करवाकर घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की की मांग रखी.
सिंचाई की सुविधा नहीं
सिंचाई की सुविधा नहीं रहने से लोग सिर्फ खरीफ सीजन में ही खेती कर पाते हैं. रबी व गरमा फसल की खेती से किसानों को वंचित रहना पड़ रहा है.
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