शिकायतकर्ता ने न्यायालय में डीसी, बिरनी के सीओ, एसई, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी व बगोदर सरिया के एसडीओ को पक्षकार बनाया है. मामले की सुनवाई22 जनवरी 2026 को हुई थी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने उक्त प्रतिवादी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
क्या है पूरा मामला
बिरनी प्रखंड के माखमरगो पंचायत में सरकार से पैक्स गोदाम निर्माण की स्वीकृति मिली है. ठेकेदार ने माखमरगो पंचायत भवन के पास भवन नहीं बना, मंझलाडीह गांव में निर्माण के लिए बुनियाद की खुदाई करवा दी. कार्य शुरू होते ही गांव के उपेंद्र पासवान ने सरकार से मिले भूदान बंदोबस्त की जमीन पर निर्माण कार्य पर रोक लगाने के लिए सीओ संदीप मधेसिया समेत उक्त सभी अधिकारियों को आवेदन दि. आवेदन के आलोक में कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो श्री पासवान ने उक्त सभी के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करायी. उनका कहना है कि जिस जमीन पर पैक्स का गोदाम बन रहा है, वह उनक के पूर्वज जागेश्वर राम को भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय गिरिडीह से वर्ष 1983-84 व 1985-86 में भूदान से प्राप्त है और अब तक की रसीद इसमें निर्गत है. साथ ही जमीन उनके कब्जे में है. उसके बाद भी जबरन पैक्स गोदाम का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया.
