बता दें कि आउटसोर्सिंग कर्मी पिछले छह दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जेएलकेएम के नेतृत्व में सदर अस्पताल परिसर में कार्य बहिष्कार कर धरना पर बैठे हुए थे. इसके कारण अस्पताल की व्यवस्था भी आंशिक रूप से प्रभावित हो रही थीं. धरने की जानकारी मिलने पर डुमरी विधायक जयराम महतो भी पहुंचे और कर्मियों से बात की. विधायक ने मांगों को जायज बताते हुए संबंधित कंपनी से बातचीत की पहल की, जिसके बाद वार्ता का रास्ता साफ हुआ. वार्ता के दौरान कंपनी ने बताया कि सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों को नवंबर माह का लंबित भुगतान कर दिया गया है, जबकि दिसंबर माह का वेतन आवंटन प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जायेगा. अधिकांश कर्मियों का इपीएफ और इएसआई कार्ड बन चुका है. जिनका कार्ड अब तक नहीं बन पाया है, उन्हें 15 दिनों में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. कहा गया कि झारखंड सरकार व सिविल सर्जन कार्यालय से वेतन वृद्धि संबंधी आदेश प्राप्त होने के बाद सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों को बढ़ी हुई दर से वेतन का भुगतान किया जायेगा. अन्य मांगों पर भी सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा दिलाया गया. कंपनी के आश्वासन के बाद आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कार्य बहिष्कार वापस ले लिया.
बगोदर में भी काम पर लौटे
कर्मी
बगोदर सीएचसी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार गुरुवार को समाप्त हो गया. इसके साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मी पुन: अपने कार्य में लौट गये. इस दौरान नवंबर का भुगतान किया गया. वहीं दिसंबर का लंबित मानदेय, पीएफ बोनस सहित अन्य बकाया राशि का ससमय भुगतान पर बालाजी व शिवाजी कंपनी लिखित दिया. बता दें कि डुमरी विधायक जयराम महतो ने मामले में अहम भूमिका निभायी. चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विनय कुमार ने कहा कि भुगतान के बाद आउटसोर्सिंग कर्मी काम पर लौट आये हैं. मौके पर नागेंद्र मिश्रा, तापेश्वरी कुमारी, अभिशेष कुमार, प्रकाश कुमार. जेएलकेएम के शेख शाहिद, उमेश महतो, मुमताज अंसारी, कुंजलाल साव, अमजद खान, ललीता कुमारी, राजकुमार रवानी, बासुदेव यादव मौजूद थे.
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