अपराह्न सत्र में संतों ने प्रवचन दिया . बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. गुरु भक्ति का अमृत फल नामक नाटक का मंचन किया गया. इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गुरु भक्ति में वह शक्ति है जो हर हाल में शिष्य की रक्षाकवच का कम करती हैं जो प्रबल होनी को भी टाल सकती है. सद्गुरु मां ज्ञान ने कहा कि परमात्मा परम सत्य है, सर्वशक्तिमान है, पर वह निराकार, अगोचर और बेबूझ है. साधारण जीव उसके स्वरूप, उसकी उपासना और उसके मार्ग को समझने में असमर्थ रहता है.
पुस्तकों का हुआ विमोचन
इस अवसर पर सद्गुरु मां ज्ञान द्वारा रचित दो नयी पुस्तकों ‘कबीर और वेद’ तथा ‘कबीर रमैनी में सृष्टि का रहस्य’ का विमोचन किया गया. इसमें कबीर के अनछुये पहलुओं को सद्गुरु मां के द्वारा उल्लेखित किया गया. सनातन धर्म पूर्णत: विज्ञान सम्मत है तथा कबीर की वाणियों में वेद की झलक और सृष्टि का रहस्य समाया हुआ है.
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