मुख्य अतिथि बाल संरक्षण विभाग के सुबोध कुमार ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों व प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बाल विवाह में शामिल होनेवाले माता-पिता, अभिभावक, रिश्तेदार, विवाह कराने वाले धर्मगुरु, पंडित, पुजारी, काजी, मौलवी, बिचौलिये व आयोजक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाती है.
कानून की दी गयी जानकारी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषी पाये जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना तथा दो वर्ष की सजा का प्रावधान है. वहींस गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा का भी प्रावधान है. बताया कि बाल विवाह की सूचना देनेवाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बच्चों व अभिभावकों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलायी गयी. मौके पर समाजसेवी रमेश मुर्मू, विद्यालय के प्रधानाचार्य एम इयंडस, शिक्षक, छात्र-छात्रा व अभिभावक उपस्थित थे.
