Giridih News :जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का लाभ

Giridih News :जिले में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का लाभ जरूरतमंदों को मिल नहीं पा रहा है. एक ओर जहां इस योजना के तहत संचालित बसों के संचालक अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं, वहीं कई लोगों को यात्रा में मिल रही छूट की जानकारी तक नहीं है.

झारखंड सरकार ने ग्रामीण इलाके में शिक्षण संस्थान और स्वास्थ्य जैसी जरूरी जगहों पर गरीबों को मदद करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरूआत की है ताकि योजना का लाभ उठाकर जरूरतमंद लोग पढ़ाई के लिए स्कूल और चिकित्सा के लिए अस्पताल तक आसानी से पहुंच सके. लेकिन कई बस संचालक मनमानी करते हुए निर्धारित ग्रामीण मार्ग को ही बदल दिया है. झारखंड में परिवहन विभाग ने 349 ग्रामीण मार्ग को चिन्हित किया है जिसमें से गिरिडीह जिले में कुल 52 ग्रामीण मार्ग को चिह्नित करते हुए इस रूट पर 11 बसों का संचालन किया जा रहा है.

किन-किन लोगों को मिलेगा परिवहन का लाभ

झारखंड सरकार ने इस जनकल्याणकारी योजना की शुरूआत फरवरी 2024 से हुई है. ग्रामीण इलाके में रहने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग, विधवा महिला और झारखंड के मान्यता प्राप्त आंदोलनकारी लाभ उठा सकेंगे. इन लाभुकों को यह सेवा मुफ्त में या न्यूनतम शुल्क पर दिया जाना है. गिरिडीह जिले में इन पांच कैटेगरी के लोगों को यह सुविधा मुफ्त में दिये जाने की व्यवस्था की गयी है.

जिले के चार प्रखंडों में अब भी नहीं है इस योजना की सुविधा

गिरिडीह जिले में 13 प्रखंडों में से छह प्रखंडों में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की सुविधा उपलब्ध नहीं है. जिले में कुल 11 बसें सात प्रखंडों में संचालित की जा रही है. इसके लिए 52 रूट चिन्हित किये गये हैं. गिरिडीह, गांडेय, बगोदर, बेंगाबाद, सरिया, धनवार, तिसरी, गावां और जमुआ प्रखंड में इस योजना के तहत बस का संचालन किया जा रहा है, जबकि डुमरी, बिरनी, देवरी और पीरटांड़ में इस सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है.

अनुदानित दर पर बस संचालकों को मिलती है विशेष छूट

मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत बस संचालकों को कई तरह के अनुदान के साथ-साथ प्रोत्साहन दिये जाते हैं. फलस्वरूप काफी कम लागत में बसों का संचालन हो पाता है. एक ओर जहां बस संचालन के लिए डीजल में अनुदान दी जाती है, वहीं वाहन खरीदी पर अनुदान के साथ-साथ ऋण की व्यवस्था है. रोड टैक्स, परमिट और पंजीकरण में भी विशेष रूप से राहत दी जाती है. बसों का रोड टैक्स में शत प्रतिशत की छूट है, जबकि परमिट, रजिस्ट्रेशन और फिटनेस शुल्क मात्र एक रुपये में किया जाता है. बस संचालन के लिए जो डीजल खर्च होती है, उसमें भी बड़ी राशि का अनुदान बस संचालकों को दिया जाता है. मिली जानकारी के अनुसार गिरिडीह में 11 बसों में से छह बसों को डीजल में हुए खर्च के लिए अनुदान का भुगतान लगभग 40 लाख रुपये किये गये हैं. परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि लगभग 30 लाख रुपये अनुदान का बकाया है. इस बकाया रकम का भुगतान आवंटन मिलने के उपरांत किया जायेगा.

छात्रा से दुर्व्यवहार करने वाले बस संचालक को शो कॉज : डीटीओ

मुख्यमंत्री गाड़ी ग्राम योजना के तहत संचालित बस में एक छात्रा के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है. छात्रा तिसरी से गिरिडीह परीक्षा देने आ रही थी. इसी क्रम में बस संचालक के पुत्र द्वारा जबरन भाड़ा की मांग की जा रही थी. छात्रा ने जब देने में असमर्थता जतायी और छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा का पाठ पढ़ाया तो बस संचालक का पुत्र गुस्से में आ गया और उस वक्त वीडियो बना रही छात्रा के हाथ से मोबाइल को छीनकर फेंक दिया. इस वीडियो के वायरल होने के बाद झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने मामले को संज्ञान में लिया और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश गिरिडीह के डीसी को दिया. जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि फिलहाल बस को जब्त कर थाने में लगवा दिया गया है. इसके अलावे दुर्व्यवहार करने के मामले में बस के संचालक से शो कॉज की गयी है. बताया कि शो कॉज का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. इधर छात्रा के पिता जितेंद्र विश्वकर्मा का कहना है कि उनकी पुत्री के साथ दुर्व्यवहार किया गया. इस मामले में उन्होंने गिरिडीह एसपी को भी मेल पर सारी स्थिति से अवगत कराया है. इधर सूत्रों का कहना है कि मामले को रफा-दफा करने का प्रयास भी तेज कर दिया गया है. कुछ लोग दोनों पक्षों के बीच समझौता के प्रयास में लगे हुए हैं.

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By PRADEEP KUMAR

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