Giridih News :नवनियुक्त 339 चौकीदारों को नौ महीने से नहीं मिला है वेतन

Giridih News :जिले में चौकीदार बहाली के करीब नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज भी 339 नवनियुक्त चौकीदार बिना वेतन के अपनी ड्यूटी निभाने को मजबूर हैं. प्रशासन द्वारा सभी चौकीदारों को उनके निर्धारित कार्यस्थलों पर पदस्थापित कर दिया गया है. वे नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं, लेकिन मेहनत की कमाई अब तक उन्हें नसीब नहीं हो सकी है.

चौकीदार सुबह से रात तक गांव की निगरानी, थाना व प्रशासनिक कार्यों में सहयोग, सूचना संकलन और कानून-व्यवस्था बनाये रखने जैसी अहम जिम्मेदारियों को निभा रहे ये चौकीदार आज आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. कई चौकीदारों का कहना है कि वे कर्ज लेकर परिवार चला रहे हैं, तो कई के घरों में बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है. चौकीदारों के अनुसार नियुक्ति के बाद से अब तक वेतन भुगतान को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगायी, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला. फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहीं, लेकिन वेतन भुगतान की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जिले में कुल 339 चौकीदार कार्यरत हैं और सभी प्रशासन के लिए जमीनी स्तर पर आंख और कान का काम करते हैं. इसके बावजूद नौ महीने तक वेतन नहीं मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. चौकीदारों का कहना है कि वे काम से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन लगातार अनदेखी से उनका मनोबल टूट रहा है.

वेरिफिकेशन के नाम पर नहीं हो रहा भुगतान

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक चौकीदार ने बताया कि जिले में सभी 339 चौकीदारों की नियुक्ति प्रखंडवार आधार पर की गयी है. जिस प्रखंड में जिस चौकीदार की पदस्थापना हुई है, नियमानुसार उसी प्रखंड के अंचलाधिकारी के माध्यम से वेतन का भुगतान किया जाना है. लेकिन, जब भी वेतन भुगतान को लेकर संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जाता है, तो हर बार एक ही जवाब दिया जाता है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और जीपीएफ क्लियरेंस की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि नियुक्ति के समय और बाद में भी विभाग द्वारा मांगे गये सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे नियुक्ति पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, बैंक विवरण और अन्य कागजात समय पर संबंधित कार्यालय में जमा कर दिये गये हैं. इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी वेतन भुगतान लंबित रहना समझ से परे है. बताया की बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिलता है. कभी फाइल आगे भेजे जाने की बात कही जाती है, तो कभी उच्च स्तर से स्वीकृति नहीं मिलने का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है. इस बीच चौकीदारों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. उन्होंने बताया कि बिना वेतन के ड्यूटी करने की मजबूरी के कारण कई चौकीदारों को कर्ज लेना पड़ रहा है. घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है.

एनडीसी सह सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी ने कहा

एनडीसी सह सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी आशुतोष ठाकुर ने कहा कि जिला स्तर से सभी अंचलाधिकारियों को चौकीदारों के वेतन भुगतान से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिये गये हैं. उन्होंने बताया कि संबंधित अंचल कार्यालयों को भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की बात कही कही गयी है, ताकि चौकीदारों को लंबित वेतन का भुगतान किया जा सके.

क्या कहते हैं सीओ

इस मामले पर सदर अंचलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि चौकीदारों के वेतन भुगतान की लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी कर दी गयी हैं. मुख्य समस्या जीपीएफ से संबंधित है. कुछ चौकीदारों का जीपीएफ बनकर आ गया है, जबकि कई चौकीदारों के दस्तावेजों को रिजेक्ट कर दिया गया और उन्हें सुधार के लिए वापस अंचल कार्यालय भेज दिया गया. बताया कि रिजेक्शन का कारण नाम में पायी गयी त्रुटि है, जिसके कारण दस्तावेज का वेरिफिकेशन नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि यदि चौकीदार अपने नाम और दस्तावेज़ में सुधार करवा लेते हैं, तो उनकी प्रक्रिया पूरी हो जायेगी और वेतन भुगतान जल्द हो सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRADEEP KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >