जानकारी के अनुसार, रात लगभग 11 बजे झुंड से बिछड़ा एक हाथी बागोडीह गांव में घुसकर उत्पात मचाने लगा. सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची ओर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने लगी. हाथी चारों ओर से घिरा देखकर दौड़ने लगा. इससे लोगों में भगदड़ मच गयी. भागने के दौरान बागोडीह निवासी ललन यादव का पुत्र अनुराग यादव (19) एक कुएं में डूब गया. स्थानीय लोग उसे बाहर निकालते, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी. घटना की सूचना पर मुखिया धानेश्वर यादव और सरिया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने शव का अंत्यपरीक्षण कराकर उसे परिजन को सौंप दिया गया है.
पावापुर-धोवारी जंगल में डेरा जमाये है 24 हाथियों का झुंड
वन परिसर पदाधिकारी सरिया अंशु कुमार ने बताया कि झुंड से बिछड़े हाथी को भगाने का प्रयास पिछले सप्ताह से चल रहा है. शनिवार की रात भी उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा था. इसी दौरान यह घटना हुई. भगाने के दौरान इकलौता हाथी काफी आक्रामक हो गया था. फिलहाल यह कहां है, इसका पता नहीं चला है. बताया कि पावापुर-धोवारी जंगल में 24 हाथियों का झुंड डेरा जमाये है. इससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. अधिकारी ने हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की है.विधायक ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
इस बीच, बगोदर विधायक व सचेतक नागेंद्र महतो रविवार को गांव पहुंचे व घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया तथा अंतिम संस्कार में शामिल हुए. विधायक श्री महतो ने डीएफओ समेत अन्य पदाधिकारियों को फोन पर विभागीय प्रक्रिया के तहत आपदा मद से उचित मुआवजा उपलब्ध कराने काे कहा. साथ ही, हाथियों को इस क्षेत्र से भगाने को कहा. विधायक ने वन विभाग से हाथी प्रभावित इलाकों में सोलर लाइट लगाने को भी कहा.
